बिना सदाशयता व खुलासे के दाखिल याचिका एक लाख रुपये हर्जाने के साथ खारिज

बिना सदाशयता व खुलासे के दाखिल याचिका एक लाख रुपये हर्जाने के साथ खारिज

बिना सदाशयता व खुलासे के दाखिल याचिका एक लाख रुपये हर्जाने के साथ खारिज

प्रयागराज, 04 मई । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आउटसोर्सिंग पर बिजली विभाग में कार्यरत लाइनमैन की सेवा समाप्ति के खिलाफ दाखिल याचिका एक लाख रुपये हर्जाने के साथ खारिज कर दी है।

कोर्ट ने कहा कि याची ने सदाशयता के साथ याचिका दायर नहीं की। अपनी नियुक्ति की प्रकृति का खुलासा किये बगैर सेवा समाप्ति को चुनौती दी। कोर्ट ने याची को हर्जाना राशि हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के बैंक खाते में जमा करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने कोंच, जालौन के शिवराज सिंह की याचिका पर दिया है। याचिका पर बिजली विभाग के अधिवक्ता ने प्रतिवाद किया।

याची की नियुक्ति पांच जनवरी 15 को दैनिक वेतनभोगी लाइनमैन के रूप में कोंच में की गई। जूनियर इंजीनियर उससे कम्प्यूटर आपरेटर का काम भी लेते थे। वह आई टी आई इलेक्ट्रिकल था। तीन अप्रैल 25 को उसकी सेवा समाप्त कर दूसरे व्यक्ति को रख लिया गया। जबकि वह प्रशिक्षित नहीं है। सेवा समाप्ति के खिलाफ याची ने अधिशासी अभियंता उरई को प्रत्यावेदन दिया। एस डी ओ विद्युत वितरण कोंच को याची के मामले में निर्णय लेने को कहा गया। किंतु कोई कार्रवाई न किए जाने पर यह याचिका दायर की गई थी।