काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव के दरबार में गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ अर्जी
काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव के दरबार में गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ अर्जी
यह खबर एक ऐसे घटनाक्रम को दर्शाती है जहाँ एक श्रद्धालु ने काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव के यहाँ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के विरुद्ध धार्मिक अपमान का आरोप लगाते हुए एक अर्जी दाखिल की है।
घटना का विवरण:
- स्थान: काशी का कोतवाल बाबा कालभैरव का दरबार।
- आरोप लगाने वाला: अनुपम राय नामक श्रद्धालु।
- आरोपी: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह।
- आरोप: धार्मिक अपमान।
- तारीख: सोमवार (खबर छपने के दिन से पहले का सोमवार)।
- घटना की तारीख: 24 जून (केंद्रीय गृहमंत्री का आगमन)।
घटना का क्रम:
- केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बाबा कालभैरव के दर्शन के लिए पधारे थे।
- गर्भगृह में उन्होंने विधिवत दर्शन और पूजन किया।
- मंदिर की परंपरा के अनुसार, पुजारी उन्हें अभिमंत्रित कर नजर उतारने की प्रक्रिया कर रहे थे।
- इस दौरान, गृहमंत्री अमित शाह ने पुजारी को बीच में रोकते हुए कहा, "अब बस करो।"
श्रद्धालु के अनुसार:
- मंत्रोच्चारण को बीच में रोकना मंत्र, देवता, पुजारी और पूरे धर्माचार का अपमान है।
- उन्होंने गृहमंत्री के इस आचरण पर आपत्ति जताई है।
- उन्होंने गृहमंत्री को सनातन धर्म की परंपराओं के प्रति श्रद्धा रखने की सलाह दी है।
मांग:
- श्रद्धालु ने अर्जी में यह मांग की है कि बाबा कालभैरव स्वयं इस घटना का संज्ञान लें।
- काशी की जनता और सनातन धर्म के साथ न्याय हो।
यह घटना काशी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले शहर में एक विशिष्ट प्रकार का विरोध प्रदर्शन है, जहाँ एक श्रद्धालु ने अपनी धार्मिक आस्था के अपमान को लेकर सर्वोच्च अधिकारियों में से एक के खिलाफ देवस्थान पर याचिका दायर की है। यह घटना धर्म और सार्वजनिक जीवन के बीच के संबंधों पर भी प्रकाश डालती है।