नर्सिंग किसी भी चिकित्सा व्यवस्था की आत्मा होती है : महापौर मंगलेश श्रीवास्तव
नर्सिंग किसी भी चिकित्सा व्यवस्था की आत्मा होती है : महापौर मंगलेश श्रीवास्तव
गोरखपुर, 20 जून । चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित करते हुए, गंगोत्री देवी स्कूल ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट, गोरखपुर में 23वें बैच की नर्सिंग छात्राओं का लैंप लाइटिंग एवं शपथ ग्रहण समारोह अत्यंत grandeur, dignity और उल्लास भरे वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह समारोह इन युवा छात्राओं के नर्सिंग प्रोफेशन में औपचारिक प्रवेश का प्रतीक है और उन्हें सेवा तथा समर्पण के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।
समारोह का मुख्य आकर्षण लैंप लाइटिंग सेरेमनी रही, जो नर्सिंग की जननी फ्लोरेंस नाइटिंगेल की परंपरा का पालन करते हुए आयोजित की गई। छात्राओं ने अपने हाथों में जलते हुए दीपक लिए और एक-दूसरे से ज्ञान और सेवा की लौ को पास किया। इस दौरान पूरा सभागार दीपों की मंद और पवित्र रोशनी से आलोकित हो उठा, जिसने एक शांत और solemn वातावरण निर्मित किया। दीप प्रज्वलन के पश्चात, सभी छात्राओं ने पूरी निष्ठा और करुणा के साथ मानव सेवा, रोगियों के प्रति करुणा, अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा एवं समर्पण के पथ पर चलने की solemn शपथ ली। यह शपथ उनके आने वाले व्यावसायिक जीवन के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत है, जो उन्हें मानवता की सेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का स्मरण कराती रहेगी।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर अनेक जानी-मानी हस्तियां उपस्थित थीं, जिन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोरखपुर के महापौर एवं प्रतिष्ठित डॉक्टर मंगलेश कुमार श्रीवास्तव थे, जिनकी उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को बढ़ाया। विशिष्ट अतिथियों में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के निदेशक प्रोफेसर हरिशंकर जोशी, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) गोरखपुर की अध्यक्ष डॉ. प्रतिभा गुप्ता, IMA के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शिव शंकर शाही, डॉ. ए पी गुप्ता, डॉ. सीमा शाही और सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर राजल गुप्ता शामिल थे। समारोह की अध्यक्षता श्रीमती रीना त्रिपाठी ने की। इन सभी गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने छात्राओं को प्रेरित किया और उन्हें उनके महत्वपूर्ण करियर के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्य अतिथि के तौर पर अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में, महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव ने नर्सिंग पेशे के invaluable महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत उस मर्मस्पर्शी वाक्य से की, जो पूरे समारोह का केंद्रीय बिंदु बन गया और नर्सिंग के सार को encapsule करता है: "नर्सिंग किसी भी चिकित्सा व्यवस्था की आत्मा होती है।" उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे नर्सें केवल उपचार प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होतीं, बल्कि वे अस्पताल के वातावरण में warmth, comfort और आशा का संचार करती हैं। उन्होंने नर्सिंग छात्राओं से विशेष अपेक्षाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें न केवल असाधारण सेवा-भावना से ओत-प्रोत होना चाहिए, बल्कि अपने सकारात्मक व्यवहार, संवेदनशीलता और Patient-centric approach से प्रत्येक रोगी के मन में विश्वास और शीघ्र स्वस्थ होने की आशा का संचार करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बीमारी और distress के समय एक नर्स की मुस्कान, उनका empathetic रवैया और धैर्यपूर्ण देखभाल दवा से कम नहीं होती। डॉ. श्रीवास्तव ने इस दिन को इन छात्राओं के जीवन में एक 'नया अध्याय' जोड़ने वाला दिन बताया और विश्वास व्यक्त किया कि ये छात्राएं भविष्य में अपनी समर्पित सेवा से समाज के लिए अत्यंत सुखद और कल्याणकारी परिणाम देंगी, स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगी और नर्सिंग पेशे को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।
कुल मिलाकर, गंगोत्री देवी स्कूल ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट का 23वां लैंप लाइटिंग और शपथ ग्रहण समारोह एक सफल और प्रेरणादायक आयोजन रहा, जिसने युवा नर्सिंग छात्राओं को उनके भावी करियर के लिए तैयार किया और उनमें सेवाभाव की ज्योति प्रज्वलित की, जो उन्हें जीवन भर मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।