लापरवाह डॉक्टरों पर गिरी गाज, ब्रजेश पाठक ने कार्रवाई के दिए निर्देश
ब्रजेश पाठक ने कहा लापरवाही एवं अनियमितताएं नहीं होंगी बर्दाश्त
लखनऊ, 08 मई। उत्तर प्रदेश में कई लापरवाह डॉक्टरों पर गाज गिरी है। बर्खास्तगी, तबादले और वेतनवृद्धियां रोकी गई हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपर मुख्य सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि जनसेवा के कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही एवं अनियमिता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड जांच सेंटर के पंजीकरण और नवीनीकरण प्रक्रिया में खेल करने वालों पर शिकंजा कसा गया है। अम्बेडकर नगर के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार शैवाल एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय वर्मा पर निजी अस्पतालों के पंजीकरण व नवीनीकरण में अनियमितता बरतने का दोषी पाया गया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के प्रति कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अपर मुख्य सचिव को दोनों डॉक्टरों पर कार्रवाई करने के आदेश दिये हैं।
हरदोई स्थित संडीला के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार सिंह पर जनपद में नियमविरुद्ध अनधिकृत रूप से प्राइवेट अस्पतालों के संचालकों पर कोई कार्रवाई न करने के आरोप लगे हैं। डॉ. सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई व जांच के आदेश दिए गए हैं।
बिना सूचना गैरहाजिर पांच डॉक्टर होंगे बर्खास्त
लंबे समय से गैरहाजिर पांच डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त की जाएंगी। इन डॉक्टरों पर कार्रवाई के निर्देश डिप्टी सीएम ने अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष को दिए हैं। इन्हें सेवा से बर्खास्त किए जाएगा। गोरखपुर जिला चिकित्सालय की डॉ. अलकनन्दा, कुशीनगर सीएमओ के अधीन डॉ. रामजी भरद्वाज, बलरामपुर सीएमओ के अधीन डॉ. सौरभ सिंह, अमेठी स्थिति जगदीशपुर सीएचसी के डॉ. विकलेश कुमार शर्मा व औरैया दिबियापुर सीएचसी की डॉ. मोनिका वर्मा पर बर्खास्तगी की गाज गिरेगी।
लापरवाही पर तबादला
प्रयागराज मेजा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. शमीम अख्तर पर कोरांव सीएचसी अधीक्षक रहते हुए प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। साथ ही अन्य कई गम्भीर शिकायतों के कारण विभागीय कार्रवाई किये जाने एवं तबादला किये जाने के आदेश दिये गये हैं। सुल्तानपुर के लम्भुआ सीएचसी में महिला के इलाज में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह (वर्तमान तैनाती-सीएचसी कादीपुर), डॉ. धर्मराज, चिकित्साधिकारी एवं सीएचसी-लम्भुआ में तैनात फार्मासिस्ट अवधनारायण के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई किये जाने के आदेश दिये गये हैं। मथुरा जिला चिकित्सालय में तैनात इमर्जेन्सी मेडिकल अफसर डॉ. देवेन्द्र कुमार एवं सर्जन डॉ. विकास मिश्रा को गलत मेडिकोलीगल किये जाने पर दोनों डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई किये जाने के आदेश दिये गये हैं।
इन डॉक्टरों पर भी गिरेगी गाज
ब्रजेश पाठक ने अपर मुख्य सचिव को चिकित्सकीय कार्यों एवं अपने कर्तव्य दायित्वों के निर्वाहन में लापरवाही बरतने पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसमें बलरामुर सीएमओ के अधीनक डॉ. अन्नू चन्द्रा, वाराणसी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय के डॉ. शिवेश जायसवाल, बदायूं जिला चिकित्सालय के डॉ. राजेश कुमार वर्मा, डॉ. अरूण कुमार, खीरी स्थित गोला सीएचसी के अधीक्षक डॉ. गणेश कुमार, संयुक्त चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. अरविन्द कुमार श्रीवास्तव, संभल के जिला संयुक्त चिकित्सालय के डॉ. जानकीश चन्द्र शंखधर शामिल हैं।
प्राइवेट प्रैक्टिस करने पर वेतनवृद्धि रोकीं
झांसी के मोठ ट्रॉमा सेंटर में आर्थोसर्जन डॉ. पवन साहू, बलरामपुर सीएमओ के अधीनी डॉ. संतोष सिंह की चार, झांसी सीएमओ के अधीन डॉ. निशा बुन्देला की दो वेतनवृद्धियां रोकने व परिनिंदा का दंड के आदेश दिए गए हैं। हमीरपुर जिला महिला चिकित्सालय की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. लालमणि पर आजमगढ़ में तैनाती के दौरान प्रसूताओं से वसूली एवं अभद्रता करने के आरोप लगे हैं। उनकी तीन वेतनवृद्धियां स्थायी रूप से रोकने व परिनिन्दा का दंड दिये जाने आदेश दिये गये हैं।
इसके अलावा डॉ. आदित्य पाण्डेय, बहराइच महसी सीएचसी की डॉ. प्रतिभा यादव व मथुरा राल सीएचसी के डॉ. राकेश सिंह को परिनिन्दा का दंड प्रदान किया गया है। वहीं, बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज में हड्डी रोग विभाग में तैनात सह-आचार्य डॉ. रितुज अग्रवाल के विरूद्ध भी विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई किये जाने के आदेश दिए गए हैं।