एमजीयूजी में एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी गुरुवार से

एमजीयूजी में एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी गुरुवार से

गोरखपुर, 18 मार्च । एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती से निपटने के लिए महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) के स्वास्थ्य एवं जीवन विज्ञान संकाय की तरफ से 19 से 21 मार्च तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। जिस का विषय ‘एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस: सर्विलांस फ्रॉम स्ट्रीट टू हॉस्पिटल फॉर इंटीग्रेटेड एपिडेमियोलॉजी एंड लोकल डिफेंस’ रखा गया है।

संगोष्ठी के संयोजक प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार को संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) एम. एल. बी. भट्ट, (निदेशक, कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर हॉस्पिटल, लखनऊ) उपस्थित रहेंगे। वहीं, विशिष्ट अतिथि प्रो. हरि शंकर जोशी (निदेशक, आईसीएमआर–क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र, गोरखपुर) एवं कर्नल डॉ. हिमांशु दीक्षित (निदेशक, गुरु श्री गोरक्षनाथ चिकित्सालय) मौजूद रहेंगे।

आयोजन सचिव डॉ. रश्मि शाही और डॉ. प्रेरणा अदिति ने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में देश भर से विशेषज्ञ भाग लेंगे और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस से सम्बंधित नवीनतम शोध, निगरानी तंत्र और नियंत्रण उपायों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। यह आयोजन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के ‘वन हेल्थ मिशन’ तथा संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है।

उन्होंने बताया कि एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस आज एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जो मानव, पशु और पर्यावरण तीनों स्तरों पर प्रभाव डाल रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस विषय का उल्लेख करते हुए देशवासियों को इस गंभीर चुनौती के प्रति जागरूक एवं सतर्क किया था। ऐसे में इस संगोष्ठी के माध्यम से विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच प्रदान किया जाएगा, जहां वे जमीनी स्तर से लेकर अस्पतालों तक निगरानी और नियंत्रण की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करेंगे।