एनटीपीसी कहलगांव की नैगम सामाजिक दायित्व पहल: दिव्यांगजनों और वृद्धजनों को सहायक उपकरण वितरित कर बढ़ाया उनका संबल

एनटीपीसी कहलगांव की नैगम सामाजिक दायित्व पहल: दिव्यांगजनों और वृद्धजनों को सहायक उपकरण वितरित कर बढ़ाया उनका संबल

एनटीपीसी कहलगांव की नैगम सामाजिक दायित्व पहल: दिव्यांगजनों और वृद्धजनों को सहायक उपकरण वितरित कर बढ़ाया उनका संबल

भागलपुर, 21 जून  । नैगम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, भारत की अग्रणी विद्युत उत्पादक कंपनी, राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) लिमिटेड की कहलगांव परियोजना ने समाज के जरूरतमंद और विशेष रूप से कमजोर वर्ग, यानी दिव्यांगजनों और वृद्धजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और मानवीय कदम उठाया है।

इसी कड़ी में, 21 जून, शनिवार को भागलपुर जिले के कहलगांव स्थित एनटीपीसी परियोजना के समीपवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले 183 चिन्हित दिव्यांगजनों और वृद्धजनों के लिए एक भव्य और प्रेरणादायक सहायक उपकरण वितरण समारोह का आयोजन किया गया। यह कल्याणकारी आयोजन, सहायक उपकरणों के निर्माण और वितरण में विशेषज्ञता रखने वाले भारत सरकार के प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान, भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलीम्को) के सक्रिय सहयोग से संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इन लाभार्थियों को आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना, उनकी गतिशीलता में सुधार करना और दैनिक जीवन की गतिविधियों में अधिक आत्मनिर्भरता लाने में मदद करना था। यह वितरण कार्यक्रम कहलगांव परियोजना द्वारा अपने आसपास के समुदायों के प्रति जिम्मेदारी और समावेशी विकास के दृष्टिकोण को दर्शाता है।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रत्येक लाभार्थी को उसकी विशिष्ट आवश्यकता के अनुसार सही उपकरण मिले, वितरण से पूर्व एक विस्तृत मूल्यांकन शिविर आयोजित किया गया था। इसी पूर्व-निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से 183 लाभार्थियों की पहचान की गई थी और उनकी जरूरतों का गहन आकलन किया गया था।

इस गरिमामय समारोह में, मूल्यांकन शिविर में चयनित किए गए 183 लाभार्थियों को विभिन्न प्रकार के अत्याधुनिक और उपयोगी सहायक उपकरण सौंपे गए। इनमें प्रमुख रूप से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल और सामान्य ट्राईसाइकिल (जो यात्रा को आसान बनाते हैं), सुनने में सहायक श्रवण यंत्र, दृष्टिबाधितों के लिए सुगम्य छड़ी, सहारे के लिए अंडरआर्म क्रच और वॉकिंग स्टिक, चलने-फिरने में सहायता करने वाला रोलेटर, दैनिक जीवन की गतिविधियों (ADL) के लिए किट, सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष सीपी चेयर, और बहु-विकलांगता (MSID) के प्रबंधन के लिए विशेष किट शामिल थे। ये उपकरण न केवल लाभार्थियों की शारीरिक चुनौतियों को कम करने में सहायक होंगे, बल्कि उनके आत्मविश्वास और गरिमा को भी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस प्रेरणादायक वितरण समारोह की शोभा एनटीपीसी कहलगांव के शीर्ष प्रबंधन और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने बढ़ाई। कार्यक्रम में परियोजना प्रमुख श्री संदीप नाइक, श्रृष्टि समाज की अध्यक्षा श्रीमती प्रज्ञा नाइक, महाप्रबंधक (ओ एण्ड एम) श्री रवीन्द्र पटेल, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस) श्री प्रभात रंजन बारिक, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री भास्कर गुप्ता सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। उनकी उपस्थिति ने इस पहल के प्रति एनटीपीसी की गंभीरता और सामुदायिक कल्याण के प्रति उसकी गहरी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

एनटीपीसी कहलगांव द्वारा उठाया गया यह कदम केवल सहायक उपकरणों का वितरण मात्र नहीं है, बल्कि यह एक अधिक समावेशी, करुणामय और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक ठोस और अत्यंत सार्थक प्रयास है। यह सुनिश्चित करता है कि दिव्यांगजन और वृद्धजन भी सम्मानपूर्वक, स्वतंत्रता और सक्रिय रूप से जीवन जी सकें, समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। कंपनी अपने परिचालन क्षेत्रों में सामुदायिक विकास, सामाजिक उत्थान और सभी वर्गों की समावेशिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और नैगम सामाजिक दायित्व के तहत भविष्य में भी ऐसी कल्याणकारी पहलों को निरंतर जारी रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यह पहल एनटीपीसी के 'पावरिंग इंडिया, टचिंग लाइव्स' के ध्येय वाक्य को सही मायने में चरितार्थ करती है।


मुख्य जोड़े गए बिंदु:

  1. सीएसआर का महत्व: सीएसआर को "अटूट प्रतिबद्धता", "मानवीय कदम" जैसे शब्दों से जोड़ा गया।
  2. एनटीपीसी का परिचय: "भारत की अग्रणी विद्युत उत्पादक कंपनी" जोड़ा गया।
  3. लाभार्थियों का विवरण: "विशेष रूप से कमजोर वर्ग" और "जीवन में सकारात्मक बदलाव" लाने का उद्देश्य स्पष्ट किया गया।
  4. कार्यक्रम का माहौल: "एक भव्य और प्रेरणादायक" समारोह के रूप में वर्णित किया गया।
  5. एलीम्को का विवरण: इसे "भारत सरकार का प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान" और "विशेषज्ञता रखने वाला" बताया गया।
  6. उद्देश्य का विस्तार: "गतिशीलता में सुधार" और "दैनिक जीवन की गतिविधियों में अधिक आत्मनिर्भरता" लाने पर जोर दिया गया।
  7. मूल्यांकन शिविर का महत्व: प्रक्रिया को "पूर्व-निर्धारित" और आकलन को "गहन" बताया गया।
  8. उपकरणों का प्रभाव: बताया गया कि उपकरण "अत्याधुनिक और उपयोगी" हैं और वे "आत्मविश्वास और गरिमा" भी बढ़ाते हैं।
  9. अधिकारियों की उपस्थिति: उनकी उपस्थिति को "प्रेरणादायक समारोह की शोभा" बढ़ाने वाला बताया गया और यह "प्रतिबद्धता को रेखांकित" करता है।
  10. निष्कर्ष का विस्तार: पहल को "ठोस और अत्यंत सार्थक प्रयास" बताया गया, जो "अधिक समावेशी, करुणामय और सशक्त समाज" के निर्माण की ओर ले जाता है। लाभार्थियों को "समाज की मुख्यधारा से जुड़ने" की बात कही गई।
  11. अंतिम वाक्य: एनटीपीसी के ध्येय वाक्य "पावरिंग इंडिया, टचिंग लाइव्स" से इसे जोड़ा गया।

यह विस्तारित पाठ मूल जानकारी को बनाए रखते हुए अधिक गहराई, संदर्भ और भावना जोड़ता है।