मोरिंगा से आत्मनिर्भर बन रहीं यूपी की ग्रामीण महिलाएं
मोरिंगा से आत्मनिर्भर बन रहीं यूपी की ग्रामीण महिलाएं
लखनऊ, 23 दिसम्बर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन का प्रभाव अब प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। लखनऊ, अयोध्या, बाराबंकी, सुल्तानपुर और सीतापुर जिलों में मोरिंगा आधारित आजीविका मॉडल के माध्यम से एक हजार से अधिक ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं और नियमित आय अर्जित कर रही हैं।
इस पहल के तहत महिलाएं मोरिंगा की पत्तियों, बीजों और छाल की प्राथमिक प्रोसेसिंग से जुड़कर स्वरोजगार कर रही हैं। जेवीकेएस बायो एनर्जी फार्मर प्रोडूसर कंपनी लिमिटेड, बीकेटी लखनऊ की निदेशक डॉ. कामिनी सिंह ने बताया कि सीतापुर जिले के सिधौली ब्लॉक के ग्राम गाजीपुर सहित विभिन्न जिलों की महिलाएं इस मॉडल से जुड़ी हैं। समूह में कार्य कर रही महिलाओं को प्रतिमाह लगभग 10 हजार रुपये तक और वार्षिक सवा लाख रुपये तक की आय हो रही है।
उन्होंने बताया कि यह परियोजना एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एआईएफ) योजना के अंतर्गत किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से संचालित की जा रही है। इसके तहत प्राइमरी प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना की गई है, जहां मोरिंगा की पत्तियों, बीजों और छाल से वैल्यू-एडेड उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
डॉ. कामिनी सिंह के अनुसार महिलाओं को मोरिंगा की तुड़ाई, सुखाने, ग्रेडिंग और प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन यूनिट्स में मोरिंगा पाउडर, टैबलेट, चाय, हैंडमेड साबुन, मोरिंगा सीड ऑयल, लड्डू और बिस्कुट जैसे उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिनकी बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है।
इस पहल की खास बात यह है कि महिलाओं को घर के पास ही रोजगार मिल रहा है, जिससे उनकी भागीदारी और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि हुई है। प्रशिक्षित महिलाएं आगे अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी इस मॉडल से जोड़कर रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही हैं।
मोरिंगा आधारित यह मॉडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्थानीय संसाधनों के उपयोग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के विजन को साकार कर रहा है, जिससे प्रदेश की बेटियां आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही हैं।