दहेज हत्या मामले में पति को 10 वर्ष का कारावास
दहेज हत्या मामले में पति को 10 वर्ष का कारावास
बांदा, 03 जनवरी । बांदा जनपद के थाना बिसंडा क्षेत्र में वर्ष 2021 में सामने आए दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में सत्र न्यायालय बांदा ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपित पति को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने पति को 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 4 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला दहेज प्रथा के विरुद्ध एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
प्रकरण के अनुसार, जनपद बांदा के थाना बदौसा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तुर्रा निवासी उमाकांत ने 12 सितंबर 2021 को थाना बिसंडा में तहरीर देकर सूचना दी थी कि उन्होंने अपनी पुत्री अनीता का विवाह थाना बिसंडा क्षेत्र के ग्राम पल्हरी निवासी मानसिंह पुत्र शिवभवन के साथ किया था। विवाह के बाद से ही अनीता को उसके ससुराल पक्ष द्वारा दहेज को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि इसी दहेज प्रताड़ना के चलते 6 सितंबर 2021 को उसकी हत्या कर दी गई।
इस गंभीर मामले में थाना बिसंडा पुलिस द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए (दहेज प्रताड़ना), 304बी (दहेज हत्या) तथा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी बबेरू सियाराम द्वारा की गई। विवेचना के दौरान साक्ष्यों का गहन संकलन किया गया तथा साक्ष्य एवं गवाहों के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध मजबूत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।
वाद के विचारण के दौरान लोक अभियोजक सुशील कुमार तिवारी ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और तर्कों को न्यायालय ने महत्वपूर्ण माना। साथ ही कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी देवेंद्र सिंह तथा पैरोकार आरक्षी सतीश कुमार वर्मा के निरंतर प्रयासों ने भी मामले को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
लोक अभियोजक सुशील कुमार तिवारी ने शनिवार को बताया कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के उपरांत सत्र न्यायालय बांदा ने अभियुक्त मानसिंह पुत्र शिवभवन निवासी ग्राम पल्हरी, थाना बिसंडा को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कारावास एवं 4 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस निर्णय से जहां पीड़ित परिवार को न्याय मिला है, वहीं समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ एक कड़ा और स्पष्ट संदेश भी गया है।