बेटी की शादी से पहले पिता की विदाई: वाराणसी में सड़क हादसे ने छीनी खुशियां

बेटी के शादी के तैयारियों में जुटे होटल कर्मी की सड़क हादसे में मौत,परिजनों में कोहराम

बेटी की शादी से पहले पिता की विदाई: वाराणसी में सड़क हादसे ने छीनी खुशियां

वाराणसी, 21 नवंबर – जीवन कभी-कभी इतनी क्रूरता से अपने रंग दिखाता है कि यकीन करना मुश्किल हो जाता है। जहां एक घर में शहनाई बजने वाली थी, खुशियों का माहौल था, वहीं एक पल में सब कुछ मातम में बदल गया। वाराणसी में एक पिता की दर्दनाक मौत ने उस परिवार के सारे सपनों को चकनाचूर कर दिया, जिसकी बेटी की शादी में अब बस कुछ ही दिन बाकी थे।

खुशियों के बीच पसरा सन्नाटा

इमलिया घाट, फुलवरिया के निवासी राजेश गोंड, शहर के एक होटल में हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत थे। उनकी बड़ी बेटी अंजली उर्फ ​​बिन्नी की शादी 25 नवंबर को होनी थी। घर में तैयारियां जोरों पर थीं। मिठाइयों की खुशबू, नए कपड़ों की चमक और आने वाले मेहमानों के इंतजार में पूरा परिवार खुशी से झूम रहा था। हर पिता की तरह, राजेश भी अपनी बेटी की शादी को यादगार बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे थे। उनके चेहरे पर आने वाली खुशियों की चमक साफ देखी जा सकती थी।

एक सामान्य दिन, एक असामान्य अंत

शुक्रवार की सुबह, राजेश रोज की तरह अपनी स्कूटी से ड्यूटी के लिए निकले। यह उनके दैनिक जीवन का एक सामान्य हिस्सा था – घर से काम और काम से घर। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। कैंट थाना क्षेत्र स्थित डीआईजी पीएसी आवास के पास, सामने से आ रही एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि राजेश गोंड ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

टूटे सपनों का हृदयविदारक दृश्य

जैसे ही हादसे की खबर परिवार तक पहुंची, खुशियों का माहौल चीखों और आंसुओं में बदल गया। राजेश की पत्नी शीला, बेटियां अंजली और मिनी घटनास्थल पर पहुंचे। अपने पति का बेजान शरीर देखकर शीला बेहोश होकर गिर पड़ीं। जो अंजली कुछ दिन बाद दुल्हन बनने वाली थी, वह अपने पिता के शव पर लिपटकर बिलख रही थी। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।

परिजनों का विलाप देखकर थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा ने स्वयं आगे बढ़कर परिवार को संभाला और उन्हें ढांढस बंधाया। महिला कांस्टेबल स्नेहा पांडेय ने अंजली को गोद में लेकर पानी के छींटे मारे और उसे सहारा दिया। इस मुश्किल घड़ी में पुलिस का यह मानवीय चेहरा वाकई सराहनीय था।

न्याय की उम्मीद और सड़क सुरक्षा का सवाल

कैंट थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दुर्घटना में शामिल स्कॉर्पियो चालक की तलाश की जा रही है और उसके लिए आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि हमारे समाज के लिए एक बड़ा सवाल है। एक परिवार की खुशियां चंद पलों में क्यों बिखर गईं? तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वाले कब सबक सीखेंगे? राजेश गोंड के परिवार का दर्द हमें याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि जीवन का सम्मान करना भी है।

हमारी संवेदनाएं राजेश गोंड के परिवार के साथ हैं। इस दुख की घड़ी में ईश्वर उन्हें शक्ति और धैर्य प्रदान करें।