सहमति के बगैर जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने किया जोरदार प्रदर्शन
सहमति के बगैर जमीन अधिग्रहण के विरोध में किअधिशाषी अभियंता ने 17 जुलाई तक आपत्तियां दर्ज कराने के लिए समय दियासानों ने किया जोरदार प्रदर्शन
झांसी, 19 जून सहमति तथा सरकारी गजट की जानकारी के बिना गुरुवार को किसानों की जमीन अधिग्रहण के विरोध में दर्जनों किसानों ने सड़कों पर उतर कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने किया। किसानों के इस विरोध को देखते हुए अधिशाषी अभियंता डी. बी. यादव ने किसानों को आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 17 जुलाई तक का अतिरिक्त समय प्रदान किया है।
कोछाभांवर, टाकोरी, मुस्तरा और पिछोर के सैकड़ों किसानों ने अपनी जमीन बिना सहमति के अधिग्रहित किए जाने के विरोध में सड़क पर उतर कर काफी देर तक प्रदर्शन किया। सभी पीड़ित किसानों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य से मुलाकात की। पूर्व मंत्री ने किसानों की समस्याओं का समर्थन करते हुए किसानों के साथ मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से मामले पर चर्चा की। इसके बाद किसानों की भारी संख्या कमिश्नरी से वापस एलाइट चौराहा पहुंची, जहां उन्होंने गगन भेदी नारे लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व और सहयोग में बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष भानु सहाय अपनी टीम के साथ, साथ ही सपा जिलाध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह यादव भी किसानों के साथ शामिल होकर सभी किसान जलूस के रूप में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने अधिशाषी अभियंता का घेराव किया और अपनी मांगें रखीं। किसानों का कहना था कि उनकी सहमति एवं गजट की जानकारी के बिना उनकी भूमि अधिग्रहित की जा रही है, जो कि उनके अधिकारों के विरुद्ध है। इस दबाव में अधिशाषी अभियंता डी. बी. यादव ने किसानों को आपत्ति दर्ज कराने के लिए 17 जुलाई तक का अतिरिक्त समय प्रदान करने के आदेश दिये।
इस मौके पर मुकेश अग्रवाल, रघुराज शर्मा, डॉ. सुनील तिवारी, अशोक सक्सेना, विवेक बाजपेई, गिरजा शंकर राय, शम्भू सैन, अखिलेश गुरुदेव, युथुप जैन, शैलेंद्र वर्मा शीलू, अमीर चंद आर्य, प्रदीप झां, हनीफ़ खान (मुस्तरा से), नीरज कुशवाहा, सुखलाल प्रजापति, जीतेन्द्र कुशवाहा, संतोष यादव (पिछोर से), लक्ष्मीनारायण प्रजापति, रामनाथ धर्मेंद्र सेन, शुभम (टांकोरी से), सलीम खान शेख, सालिग, रसीद खान, संतोष यादव, बृज किशोर प्रजापति, लालाराम पाल, मलखान पाल, छोटे लाल पाल, प्रतीक पटेरिया, कुंवर लाल, सियाराम यादव, अरविंद यादव, मंशाराम, जाहर सिंह, जगदीश प्रजापति, संतोष प्रजापति, करण सिंह, द्वारका प्रसाद, सतीश, रमेश यादव, शुभम, बृजनन्दन यादव, रानू, हेमराज, रसीद खान आदि किसान भी मौजूद रहे और उन्होंने इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
इस प्रदर्शन ने शासन प्रशासन की नीतियों पर एक बार फिर प्रश्नचिह्न लगाया है और किसानों के हितों की रक्षा को लेकर सरकार के समक्ष गंभीर चुनौतियां प्रस्तुत की हैं। किसानों की मांग है कि उनकी जमीन अधिग्रहण के लिए उचित सहमति और सही प्रक्रिया का पालन किया जाए और अधिग्रहण के बाद उन्हें न्यायसंगत मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे सड़कों से हटेंगे नहीं।