इटावा पुलिस ने किया बड़ा खुलासा: फर्जी एसडीएम बनकर लूटपाट करने वाले दो बदमाश गिरफ्तार, गैंग का भंडाफोड़

इटावा पुलिस ने किया बड़ा खुलासा: फर्जी एसडीएम बनकर लूटपाट करने वाले दो बदमाश गिरफ्तार, गैंग का भंडाफोड़

इटावा पुलिस ने किया बड़ा खुलासा: फर्जी एसडीएम बनकर लूटपाट करने वाले दो बदमाश गिरफ्तार, गैंग का भंडाफोड़

इटावा, 17 जुलाई । उत्तर प्रदेश पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। इटावा जिले की सैफई थाना पुलिस ने क्राइम ब्रांच टीम के साथ मिलकर एक ऐसे शातिर गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी एसडीएम बनकर लोगों को ठगने और लूटने का काम करता था। पुलिस ने गुरुवार, 16 जुलाई को इस गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाशों के पास से दो अवैध तमंचे, ज़िंदा कारतूस, एक क्रेडिट कार्ड और चार हजार रुपये नकद के साथ-साथ एक फर्जी यूपीएससी नियुक्ति पत्र और एक लग्जरी स्कॉर्पियो कार भी बरामद की गई है।

ऐसे पकड़े गए शातिर अपराधी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बुधवार की देर रात थाना सैफई पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक गोपनीय सूचना मिली कि दो व्यक्ति हैवरा बाईपास पर संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त घूम रहे हैं और किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही तत्काल सक्रिय हुई पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हैवरा से करहल जाने वाले बाईपास पर घेराबंदी कर दोनों संदिग्ध व्यक्तियों को दबोच लिया।

पुलिस पूछताछ में पकड़े गए व्यक्तियों ने अपनी पहचान अमर पांडेय पुत्र इंद्र कुंवर पाण्डेय निवासी ग्राम बेलवा बिनहौनी, भीखमपुर देहात (यूपी) और रामाधीन पुत्र रामदेव निवासी समदा, थाना कोतवाली देहात, जिला बलरामपुर (यूपी) के रूप में बताई। तलाशी लेने पर उनके पास से एक लखनऊ नंबर की स्कॉर्पियो कार, दो तमंचे, दो ज़िंदा कारतूस, एक आधार कार्ड और चार हजार रुपये की नकदी बरामद हुई।

राइड-शेयरिंग ऐप से सवारी को बनाया निशाना गिरफ्तार बदमाशों ने पुलिस के सामने अपने एक पूर्व अपराध का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बीती 11 जुलाई को उन्होंने 'ब्ला ऐप' (संभवतः किसी राइड-शेयरिंग ऐप) के माध्यम से लखनऊ से फिरोजाबाद जाने के लिए एक सवारी को अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाया था। सैफई क्षेत्र के लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के पास पहुंचते ही उन्होंने तमंचों के बल पर डरा-धमकाकर उस सवारी का मोबाइल फोन और पर्स लूट लिया था।

यूपीएससी में असफल होकर बन गया फर्जी एसडीएम एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार किए गए बदमाशों में अमर पांडेय मुख्य सरगना है। जांच में सामने आया है कि अमर पांडेय ने दिल्ली में रहकर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की थी, हालांकि वह इसमें सफल नहीं हो सका। इसके बाद उसने खुद को आईएएस प्रोबेशनरी ऑफिसर बताना शुरू कर दिया। यहां तक कि उसने यूपीएससी आयोग का एक फर्जी और कूटरचित नियुक्ति पत्र भी तैयार करवा लिया था।

इतना ही नहीं, वह लोगों पर अपनी धाक जमाने के लिए खुद को शामली जिले के ऊन क्षेत्र का एसडीएम बताता था। उसने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी पर 'मजिस्ट्रेट' भी लिखवा रखा था। इस फर्जी पद का दुरुपयोग वह टोल टैक्स बचाने, लोगों पर अपनी धाक जमाने और आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के लिए करता था।

फिलहाल, पुलिस ने दोनों शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया है। पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और उनके अन्य अपराधों के बारे में भी गहनता से जांच कर रही है।