फतेहपुर में लेखपालों का प्रदर्शन: हापुड़ की घटना से रोष, कार्य बहिष्कार कर मांगा न्याय

फतेहपुर में लेखपालों का प्रदर्शन: हापुड़ की घटना से रोष, कार्य बहिष्कार कर मांगा न्याय

फतेहपुर में लेखपालों का प्रदर्शन: हापुड़ की घटना से रोष, कार्य बहिष्कार कर मांगा न्याय

फतेहपुर, 14 जुलाई । हापुड़ जनपद में एक लेखपाल की कथित तौर पर अधिकारियों के उत्पीड़न से हुई दुखद मौत के विरोध में सोमवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के राज्यव्यापी आह्वान पर फतेहपुर जिले की बिंदकी तहसील के लेखपालों ने एकदिवसीय कार्य बहिष्कार कर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मृतक लेखपाल के परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की, साथ ही मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की कठोर चेतावनी भी दी।

यह विरोध प्रदर्शन हापुड़ जिले की धौलाना तहसील में कार्यरत लेखपाल सुभाष मीणा की दुखद मौत के मामले को लेकर किया गया। बताया जाता है कि सुभाष मीणा ने अधिकारियों की कथित तानाशाही और प्रताड़ना से तंग आकर जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी थी। इस घटना से समूचे प्रदेश के लेखपालों में गहरा रोष व्याप्त है और वे इसे कार्यस्थल पर कर्मचारियों के उत्पीड़न का एक गंभीर मामला मान रहे हैं।

सोमवार सुबह बिंदकी तहसील परिसर में बड़ी संख्या में लेखपाल एकत्र हुए और उन्होंने अपने कार्यों का पूर्णतः बहिष्कार कर दिया। लेखपालों के कार्य बहिष्कार से तहसील में राजस्व से संबंधित कामकाज, जैसे आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, खसरा-खतौनी की नकल और अन्य जनहित के कार्य पूरी तरह से ठप पड़ गए, जिससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी लेखपालों के हाथों में तख्तियां थीं जिन पर पीड़ित लेखपाल को न्याय दिलाने और दोषी अधिकारियों को दंडित करने की मांग वाले नारे लिखे थे। पूरे दिन तहसील परिसर में रोषपूर्ण नारेबाजी गूंजती रही।

लेखपाल संघ तहसील बिंदकी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पटेल ने घटना की गंभीरता पर जोर देते हुए कहा, "हापुड़ में हमारे साथी लेखपाल सुभाष मीणा की मौत सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि अधिकारियों की तानाशाही और अमानवीय व्यवहार का परिणाम है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक कर्मचारी को अपनी जान देने पर मजबूर होना पड़ा है। हम लेखपाल समुदाय किसी भी कीमत पर इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगा। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक दोषी अधिकारियों को उनके कृत्यों की सजा नहीं मिल जाती।" उन्होंने मृतक लेखपाल के परिवार के लिए पर्याप्त मुआवजे और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।

संघ के महामंत्री दीपक तिवारी ने शासन को चेतावनी देते हुए कहा, "यदि सरकार तत्काल प्रभाव से दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई नहीं करती और मृतक लेखपाल के परिजनों को समुचित मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी नहीं देती, तो उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन आंदोलन छेड़ देगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। यह आंदोलन प्रदेशभर में राजस्व कार्यों को पूरी तरह से ठप कर देगा।"

इस विरोध प्रदर्शन में लेखपाल संघ बिंदकी के कई प्रमुख सदस्य और अन्य लेखपाल मौजूद रहे। इस अवसर पर अनुराग बाजपेई, अजीत उमराव, मयंक तिवारी, कुलदीप सिंह, धीरेंद्र श्रीवास्तव, सुजीत यादव, सतीश कुमार, सुमित गुप्ता, जितेंद्र कुमार, अभिमन्यु, अभय सिंह पटेल सहित तहसील के तमाम लेखपाल उपस्थित रहे और उन्होंने आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। यह घटना कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, और संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, उनका संघर्ष जारी रहेगा।