नाबालिग का अपहरण व दुष्कर्म के आरोपित की जमानत मंजूर
--सजा के खिलाफ अपील में दी थी जमानत अर्जी
प्रयागराज, 04 नवम्बर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नाबालिग का अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में सजा के खिलाफ अपील लम्बित रहने तक जमानत पर रिहाई का आदेश दिया है और 50 फीसदी जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष चन्द्र शर्मा ने दीपक कुमार की अर्जी पर उनके वकील को सुनकर पारित किया है। इनका कहना था कि याची के खिलाफ अलीगढ़ के गभाना थाने में नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। जब कि पीड़िता और वह प्रेमी हैं। 17 साल की पीड़िता उसके साथ अपनी मर्जी से मुम्बई, फिर सूरत गई। बाजार में साथ घूमे। कभी शोर नहीं किया। आटो वाले ने उन्हें पुलिस थाने पहुंचाया। वह 2 जून 25 से जेल में बंद है।
ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों का सही परिशीलन किए बगैर दस साल की सजा सुनाई है। पीड़िता का दर्ज बयान विरोधाभासी है। उसने स्वीकार किया है कि वह मुम्बई, सूरत साथ गई और दोनों प्रेम करते हैं। सजा के खिलाफ अपील की सुनवाई शीघ्र होने की उम्मीद नहीं है। इसलिए जमानत पर रिहा किया जाय।