चुनाव में 'वोट चोरी' की साजिश ? तेजस्वी यादव का बड़ा आरोप: अधिकारियों पर बनाया जा रहा है 'दबाब'

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने लगाया आरोप, कहा- अधिकारियों पर बनाया जा रहा है दबाब

चुनाव में 'वोट चोरी' की साजिश ? तेजस्वी यादव का बड़ा आरोप: अधिकारियों पर बनाया जा रहा है 'दबाब'

पटना, 10 नवंबर । बिहार विधानसभा चुनाव अपने सबसे निर्णायक दौर में है। पहले चरण का मतदान संपन्न होने और दूसरे चरण की वोटिंग से ठीक पहले, नेता प्रतिपक्ष और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने एक ऐसा गंभीर आरोप लगाया है जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

एक वीडियो संदेश जारी करते हुए तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि पहले चरण के निराशाजनक परिणाम के कारण एनडीए खेमे में भारी घबराहट है, और अब हार के डर से शीर्ष स्तर के नेता अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं ताकि वे चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकें।

हार के ख़ौफ़ से उच्च स्तरीय 'दबाव तंत्र' सक्रिय

तेजस्वी यादव ने सीधे तौर पर केंद्र और राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र को प्रभावित करने के लिए एक दबाव तंत्र काम कर रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि एनडीए की तरफ से यह सब उनके मजबूत बूथों को डिस्टर्ब करने और महागठबंधन के कार्यकर्ताओं को बेवजह परेशान करने के लिए किया जा रहा है।

तेजस्वी के आरोपों के मुख्य बिंदु:

1. गृहमंत्री पर गंभीर आरोप: तेजस्वी ने दावा किया कि गृहमंत्री (अमित शाह का स्पष्ट संकेत) अधिकारियों से मिलकर और फोन पर धमकी दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस होटल में वे ठहरे हैं, वहां के सीसीटीवी बंद कराकर देर रात्रि अधिकारियों को बुलाया जा रहा है ताकि उन्हें निर्देश दिए जा सकें। यह सीधे तौर पर चुनावी प्रक्रिया में केंद्रीय हस्तक्षेप का बड़ा आरोप है।

2. मुख्यमंत्री आवास से 'महाभ्रष्ट अधिकारियों' का फोन: नेता प्रतिपक्ष ने राज्य के भ्रष्ट अधिकारियों की भूमिका पर भी प्रश्न उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास से, संभवतः मुख्यमंत्री की जानकारी के बिना, "भूंजा पार्टी की मित्र मंडली" के महाभ्रष्ट अधिकारी (जो ईडी के चंगुल में फंसे हैं) फोन करके अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं।

इन निर्देशों में महागठबंधन के कार्यकर्ताओं को वोटिंग के दिन तक डिटेन (हिरासत में लेना) करने और महागठबंधन समर्थित मजबूत बूथों को डिस्टर्ब करने की बात शामिल है।

ईमानदार अधिकारियों को तेजस्वी का संदेश

तेजस्वी यादव ने अपनी बात के समर्थन में दावा किया कि बदलाव निश्चित है और इस दबाव तंत्र से ईमानदार अधिकारी भी खुश नहीं हैं।

उन्होंने कहा, "अधिकारी मुझे फोन करने वाले का स्क्रीनशॉट तक भेज रहे हैं।"

नेता प्रतिपक्ष ने बिहार सरकार के ईमानदार अधिकारियों से अपील की कि वे किसी भी सेवानिवृत्त अधिकारी या सत्ताधारी नेताओं के दबाव में न आएं और संविधान सम्मत अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि नई सरकार बनने के बाद ऐसे गलत कार्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

'बिहार को उपनिवेश नहीं बनने देंगे'

इस पूरे विवाद को तेजस्वी यादव ने बिहार की अस्मिता से जोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दो गुजराती (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का स्पष्ट संकेत) येन-केन-प्रकारेण बिहार पर कब्जा करना चाहते हैं और बिहार को अपना उपनिवेश (Colony) बनाना चाहते हैं।

उन्होंने जोरदार लहजे में कहा कि गणतंत्र की जननी बिहार में इनकी वोट चोरी हरगिज नहीं चलेगी।

तेजस्वी ने बिहार की जनता को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि जनता हर प्रकार से, यानी हर प्रकार से, इनकी वोट चोरी और लोकतंत्र की डकैती रोकने के लिए तैयार है। संविधान विरोधी कार्य करने वाले इन सत्ताधारी नेताओं को बिहार की जनता इस चुनाव में कड़ा सबक सिखाएगी।