अक्षयवट की तरह अक्षय है देश रक्षा का जज्बा : कर्नल माहिम शर्मा
सैनिकों की तरह शिक्षकों का भी दायित्व, छात्रों में राष्ट्रप्रेम की भावना का करें संचार: प्रो. सत्यकाम
प्रयागराज, 27 जुलाई । अक्षयवट की तरह हमारे सैनिकों का देश रक्षा का जज्बा भी अक्षय है। एक सैनिक देश के सम्मान के लिए अपने प्राणों की आहुति देने से कभी पीछे नहीं हटता।" उक्त बातें सोमवार को कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कमांडेंट, ओ.डी. फोर्ट, प्रयागराज कर्नल माहिम शर्मा, ने कहीं।
उन्होंने कहा कि प्रयागराज का अक्षयवट केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि अटूट संकल्प और अमर शक्ति का प्रतीक है। जिस प्रकार उसकी जड़ें धरती में गहराई तक समाई हैं, उसी प्रकार भारतीय सैनिकों का राष्ट्र रक्षा का संकल्प भी अडिग और अक्षय है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. सत्यकाम ने कहा कि सैनिकों की तरह शिक्षकों का भी दायित्व है कि वे विद्यार्थियों के भीतर राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यबोध की भावना का विकास करें।
उन्होंने कहा सेना एक सम्मानजनक सेवा है, क्योंकि सैनिकों के हृदय में भारत माता के प्रति समर्पण और प्रेम होता है। उन्होंने कहा कि समाज को संकीर्ण सोच से ऊपर उठना होगा। यदि हमारी सेना अक्षयवट की तरह देश की सुरक्षा का मजबूत आधार है, तो शिक्षकों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों के भीतर राष्ट्रभक्ति, नैतिकता और कर्तव्यनिष्ठा के संस्कार विकसित करें। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल विजय का उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को याद करने का अवसर भी है।विशिष्ट अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने कहा कि वर्ष 1999 में ऑपरेशन विजय के दौरान भारतीय सैनिकों ने दुर्गम कारगिल चोटियों से घुसपैठियों को खदेड़कर तिरंगे की आन-बान-शान की रक्षा की। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध त्याग, साहस, एकता और अदम्य देशभक्ति का प्रेरणास्रोत है। कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में सोमवार को देशभक्ति और शौर्य से ओतप्रोत कार्यक्रम आयोजित किए गए। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत्यकाम के नेतृत्व में गंगा परिसर से भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई।
गंगा परिसर से निकली तिरंगा यात्रा शांतिपुरम होते हुए सरस्वती परिसर पहुंची, जहां बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राओं ने हाथों में तिरंगा लेकर कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यात्रा के बाद तिलक सभागार में कारगिल शहीदों की स्मृति में व्याख्यान आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों को भी सम्मानित किया गया। समारोह के समन्वयक प्रो. एस. कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन सचिव डॉ. राजेश सिंह ने संयोजन किया, डॉ. त्रिविक्रम तिवारी ने संचालन किया तथा प्रो. आनन्दानंद त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ. प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में राष्ट्रभक्ति, वीर सैनिकों के प्रति सम्मान तथा राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करना है।