सामाजिक शुचिता के लिए नशे पर नियंत्रण जरूरी : प्रो. पी.के. साहू
नशा मुक्ति अभियान में अग्रणी भूमिका निभाएगा मुक्त विश्वविद्यालय: कुलपति प्रो. सत्यकाम
प्रयागराज, 02 अगस्त । सामाजिक शुचिता और स्वस्थ समाज के लिए नशे पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है। देश के कई क्षेत्रों में नशायुक्त पदार्थ परंपरा का हिस्सा रहे हैं, इसलिए लोगों को इनके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
उक्त बात उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में रविवार को प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. पी.के. साहू ने कहा।
उन्होंने गांधीजी के मद्य निषेध आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब, पूर्वोत्तर राज्यों और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में सिंथेटिक ड्रग्स का बढ़ता कारोबार युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने एक दीर्घकालिक परियोजना लागू करने का सुझाव भी दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत्यकाम ने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय नशा मुक्ति के राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय और अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शोधार्थियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नशे से संबंधित सर्वेक्षण कर वास्तविक आंकड़े एकत्र करने के निर्देश दिए, ताकि नीति निर्माण में उनका उपयोग किया जा सके।
कुलपति ने कहा कि परिवार, विशेषकर माताओं की भूमिका नशा मुक्ति अभियान में सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखने और समय रहते उन्हें सही मार्गदर्शन देने की अपील की। उन्होंने प्रो. साहू द्वारा सुझाई गई परियोजना पर शीघ्र कार्य शुरू करने का भी निर्देश दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजय कुमार सिंह ने किया, जबकि कार्यक्रम समन्वयक प्रो. पी.के. स्टालिन ने अतिथियों का स्वागत किया। अंत में डॉ. बाल गोविंद सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में रविवार को प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान' के शुभारंभ का लाइव प्रसारण देखा गया। इसके बाद आयोजित संगोष्ठी में नशे की रोकथाम और समाज में जागरूकता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम में शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने नशा मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ. प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध और जनजागरूकता के माध्यम से नशा मुक्त भारत के अभियान को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य करेगा।