विहिप के स्थापना दिवस पर 62 साल की कार्ययात्रा पर मंथन, गांव-गांव संगठन मजबूत करने और सेवा कार्य बढ़ाने का संकल्प

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, संस्कृति संरक्षण और जनजागरण पर जोर; सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा

विहिप के स्थापना दिवस पर 62 साल की कार्ययात्रा पर मंथन, गांव-गांव संगठन मजबूत करने और सेवा कार्य बढ़ाने का संकल्प

सीवान, 13 सितंबर । श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें परिषद की 62 वर्षों की कार्ययात्रा, संगठन के उद्देश्यों, सामाजिक एवं सेवा गतिविधियों तथा हिन्दू समाज के समक्ष वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना वर्ष 1964 में हिन्दू समाज को संगठित करने, जीवन मूल्यों एवं संस्कृति के संरक्षण तथा समाज में सेवा, समरसता और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी। कार्यक्रम में परिषद के स्थापना काल से अब तक की कार्ययात्रा का उल्लेख करते हुए विभिन्न आंदोलनों और सेवा कार्यों की जानकारी दी गयी। वक्ताओं ने बताया कि गिरिवासी और वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा, चिकित्सा एवं सेवा के विभिन्न प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा गौसेवा, गौ रक्षा, धर्म-संस्कृति संरक्षण, मठ-मंदिरों और तीर्थों की प्रतिष्ठा, संस्कृत एवं धार्मिक परंपराओं के संरक्षण तथा सामाजिक समरसता के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं।

वक्ताओं ने वर्ष 1966 में प्रयागराज में आयोजित प्रथम विश्व हिंदू सम्मेलन, 1969 के उडुपी हिंदू सम्मेलन, 1979 में प्रयागराज में आयोजित द्वितीय विश्व हिंदू सम्मेलन तथा 1983 की एकात्मता यात्रा का स्मरण किया। श्रीरामजन्मभूमि से जुड़े आंदोलन और अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण को भी परिषद की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक कार्ययात्रा के रूप में बताया गया। कार्यक्रम में हिन्दू समाज के सामने मौजूद सामाजिक और सांस्कृतिक चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने संस्कारों में कमी, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति, जनसंख्या असंतुलन और सांस्कृतिक चुनौतियों को लेकर जागरूकता की जरूरत बतायी। इन चुनौतियों से निपटने के लिए संगठनात्मक एकजुटता, सामाजिक समरसता, सेवा और जनजागरण को प्रभावी माध्यम बताया गया। इस अवसर पर संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने और सेवा कार्यों को व्यापक बनाने का संकल्प लिया गया। अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने तथा समाज में जागरूकता, सेवा और संस्कार के कार्यों को गति देने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में उत्तर बिहार प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत सह मंत्री विकास भारती, प्रांत प्रचार-प्रसार प्रमुख ब्रह्मचारी, प्रांत संपर्क टोली सदस्य रविंद्र नाथ पाठक एवं रितेश, प्रांत विमर्श प्रमुख बसंत, जिला प्रचारक सीवान इंद्रजीत, विश्व हिंदू परिषद जिला उपाध्यक्ष रंजन, जिला संयोजक धनंजय, जिला मिलन प्रमुख प्रमोद, जिला सुरक्षा प्रमुख आयुष तथा जिला गौ रक्षा प्रमुख सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन संगठन के ध्येय, समाज सेवा, हिन्दू संस्कृति और राष्ट्रहित के कार्यों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।