महाशिवपुराण कथा में पहुंचे CM योगी, बोले- ‘जिसे ईश्वर की भक्ति मिली, उसे मुंह मांगी मुराद मिल गई’; शिव को बताया लोककल्याण का देवता
ऊंचाहार में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में CM योगी ने कहा- शिव भक्ति देश की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करती है; कथाओं से सनातन और सकारात्मक वातावरण को मिलती है शक्ति
रायबरेली, 13 सितम्बर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ईश्वर की भक्ति जिसे मिली तो उसे मुंह मांगीं मुराद मिल गई। हनुमान जी को भक्ति मिली तो वह देवपूज्य हो गए। शिव की भक्ति भी हमें सार्थक बनाती है। मुख्यमंत्री रविवार को जनपद रायबरेली के ऊंचाहार में चल रही श्री शिव महापुराण कथा में आए भक्ताें के बीच अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस कथा के आयोजक याेगी सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ मनोज पांडेय हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिव एक ऐसे महादेव हैं, जिनके पवित्र ज्योतिर्लिंग हिमालय से लेकर रामेश्वर तक हैं। जो सांस्कृतिक एकता को दर्शाते हैं। शिव भक्ति से भारत की राजनीतिक सीमा के साथ एकात्मकता के दर्शन होते हैं। शिव की भक्ति जो तमिलनाडु में है, वही उत्तर प्रदेश में और गुजरात और महाराष्ट्र में भी एक ही भाव है। काशी, प्रयागराज हो, प्रदेश में कहीं भी हर जगह कथाओं के माध्यम से शिव भक्ति को आत्मसात किया जाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ये कथाएं कंकड़ में शंकर का अहसास कराती हैं। शिव मंगल के लिए विष को धारण करते हैं। वह लोकमंगल के देवता हैं, जो नकरात्मक शक्तियों को खत्म करके लोककल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कथाएं चलती रहेंगीं तो सनातन का कोई बाल बांका नहीं कर सकता है। सकारत्मक वातावरण समाज व राष्ट्र की ताकत है। धर्म हमारी जीवन शक्ति है, इसमें केवल पूजा पाठ ही नहीं, इसे कर्तव्य व राष्ट्र भक्ति के साथ जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी आक्रांता जब हमारी धरती को रौंदते थे, तब भी हम कथा के माध्यम से सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते रहे। उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास के सामने नौ रत्न बनने का प्रस्ताव आया तो उन्होंने मना करते हुए कहा कि वह किसी विदेशी को राजा नहीं मान सकते, उनके एक ही राजा राम है। जब धर्म पर प्रहार होते रहे तो राम कथा के माध्यम से देश की एकता को जोड़ा गया। मुख्यमंत्री ने कहा रामलीला के माध्यम से सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया गया। इससे देश के आधार को मजबूत करते हुए समाज को शक्तिशाली बनाया गया।
मुख्यमंत्री योग आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि जीवन में समरसता के लिए हम प्रयागराज को याद करते हैं,चेतना के लिए काशी, जीवन में भक्ति को मथुरा जाते हैं। यह हमारी थाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैमिषारण्य में ज्ञान की पवित्र धारा को ऋषियों ने सुरक्षित किया। कथा के माध्यम से यह ज्ञान हम सभी तक पहुंच रहा है। इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यासपीठ पर पूजन करते हुए कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का स्वागत किया। इस अवसर पर कथा के आयोजक डॉ मनोज पांडेय ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री राकेश सचान, केंद्र सरकार के मंत्री बीएल शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, एमएलसी उमेश द्विवेदी, विधायक अशोक कोरी सहित कई वरिष्ठ नेता व अधिकारी मौजूद रहे।