सावन के आखिरी सोमवार से पहले केसरियामय हुई काशी, बाबा विश्वनाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब

—55.69 लाख श्रद्धालु अब तक कर चुके बाबा विश्वनाथ के दर्शन, अंतिम सोमवार पर पांच लाख से अधिक भक्तों के पहुंचने का अनुमान —पुत्रदा एकादशी समेत पांच शुभ संयोग, शाम को होगा बाबा का रुद्राक्ष शृंगार

सावन के आखिरी सोमवार से पहले केसरियामय हुई काशी, बाबा विश्वनाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब

वाराणसी, 23 अगस्त। सावन के आखिरी और चौथे सोमवार की पूर्व संध्या पर रविवार को ही उत्तर प्रदेश की धार्मिक काशी नगरी पूरी तरह केसरियामय और शिवमय हो गई। बाबा श्री काशी विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। गंगाघाटों से लेकर बाबा विश्वनाथ धाम तक हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष गूंजते रहे।

दशाश्वमेध और राजेंद्र प्रसाद घाट पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया और कांवड़ में गंगाजल भरकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए मंदिर के विभिन्न प्रवेश द्वारों पर कतार लगाई। हजारों कांवड़िए रविवार को ही कतार में बैठ गए, जबकि प्रयागराज संगम से करीब 125 किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे हजारों कांवड़ियों के सोमवार तड़के काशी पहुंचने की संभावना है। इनमें बड़ी संख्या में डाक बम भी शामिल हैं।

—55.69 लाख श्रद्धालु कर चुके दर्शन

श्री काशी विश्वनाथ धाम में इस सावन अब तक 55.69 लाख श्रद्धालु बाबा के पावन ज्योतिर्लिंग का दर्शन-पूजन कर चुके हैं। प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या पांच से साढ़े पांच लाख तक पहुंची है। मंदिर में दर्शन के साथ धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। 20 अगस्त तक करीब 8,300 श्रद्धालु रुद्राभिषेक करा चुके हैं। पिछले वर्ष, यानी 2025 के सावन मास में 63 लाख 6 हजार 631 श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए थे। इस लिहाज से इस बार सावन के अंतिम सोमवार पर श्रद्धालुओं की संख्या का नया आंकड़ा सामने आने की उम्मीद है।

—पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

सावन के आखिरी सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा तथा भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं को मंदिर में पांच प्रवेश द्वारों से प्रवेश दिया जाएगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यापक बैरिकेडिंग की गई है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर मार्ग को एकल जोन घोषित किया है। गोदौलिया से मैदागिन तक पूरे मार्ग पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

—333 कैमरों से 24 घंटे निगरानी

सुरक्षा व्यवस्था के तहत श्री काशी विश्वनाथ धाम और उससे जुड़े मार्गों पर पहले से लगे 289 सीसीटीवी कैमरों के अलावा 44 अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं। यानी कुल 333 कैमरों से गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। मंदिर कंट्रोल रूम और पुलिस कंट्रोल रूम से गोदौलिया से मैदागिन तक 24 घंटे निगरानी की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की सतत तैनाती और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

—पुत्रदा एकादशी समेत पांच शुभ संयोग

नक्खीघाट तपोवन क्षेत्र के कर्मकांडी आचार्य रविंद्र तिवारी के अनुसार, सावन के चौथे सोमवार को पांच शुभ संयोग बन रहे हैं। इनमें प्रीति योग सुबह 7:04 बजे तक रहेगा, जबकि पूरे दिन आयुष्मान योग रहेगा। इसके साथ ही पुत्रदा एकादशी, बुधादित्य राजयोग और हंस राजयोग का भी संयोग बन रहा है। मान्यता के अनुसार इन शुभ संयोगों में बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन और रुद्राभिषेक विशेष फलदायी माना जाता है। पुत्रदा एकादशी के संयोग में संतान सुख और उसकी उन्नति के लिए पूजा-अर्चना को विशेष शुभ माना गया है।

—शाम को होगा रुद्राक्ष शृंगार

सावन के चौथे सोमवार की शाम श्री काशी विश्वनाथ के पावन ज्योतिर्लिंग का रुद्राक्ष शृंगार किया जाएगा। बाबा के इस अद्भुत स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। अंतिम सोमवार पर जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के पहुंचने से काशी का माहौल पूरी तरह केसरिया हो गया है।