रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता संरक्षा, कानपुर–प्रयागराज रेलखंड के निरीक्षण में दिए सुरक्षा और गुणवत्ता के निर्देश
रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता संरक्षा, कानपुर–प्रयागराज रेलखंड के निरीक्षण में दिए सुरक्षा और गुणवत्ता के निर्देश
प्रयागराज, 08 अगस्त रेलवे के समग्र विकास के लिए संरक्षा, गुणवत्ता, गतिशीलता और कौशल (SQMS) चार प्रमुख आधार हैं। रेलवे की प्रत्येक परियोजना और निर्माण कार्य में इन चारों क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। यह बात शनिवार को समीक्षा बैठक में रेलवे बोर्ड के सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर विवेक कुमार गुप्ता ने कही। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के संकल्प सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि संरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक परियोजना, निर्माण और परिचालन संबंधी निर्णय में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए। इसके लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर कार्यप्रणाली और आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण का उपयोग किया जाए।उन्होंने गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि केवल कार्य पूरा कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी मजबूती और लंबे समय तक उपयोगिता भी सुनिश्चित होनी चाहिए। इसी तरह रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने, यात्रियों और माल की सुगम आवाजाही तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर आधारभूत संरचना विकसित की जाए।
उन्होंने कहा कि रेलवे के विकास कार्यों में यात्री सुविधाओं और आमजन के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। रेलवे बोर्ड के सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर ने शनिवार को कानपुर–प्रयागराज रेलखंड के निरीक्षण के दौरान कानपुर सेंट्रल स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि स्टेशन पुनर्विकास का उद्देश्य यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक स्टेशन उपलब्ध कराना है। निर्माण के दौरान यात्रियों की आवाजाही सुगम बनी रहे और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। कानपुर–प्रयागराज रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षणविवेक कुमार गुप्ता ने कानपुर–प्रयागराज रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रेलखंड पर चल रहे विभिन्न विकास और आधारभूत संरचना के कार्यों की प्रगति देखी। उन्होंने संरक्षा, समयबद्धता, रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने और यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
कर्मचारियों के कौशल विकास पर जोरविवेक कुमार गुप्ता ने रेलवे कर्मचारियों के नियमित प्रशिक्षण और कौशल विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक और आधुनिक रेलवे प्रणाली के अनुरूप कर्मचारियों को लगातार प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। प्रशिक्षण केंद्रों को मजबूत कर नई तकनीकों से संबंधित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी कार्य की योजना बनाते समय उसकी आवश्यकता, प्राथमिकता, समय सीमा और प्रभाव का आकलन किया जाए। निर्णय लेते समय यात्री और आमजन के दृष्टिकोण को भी प्रमुखता दी जाए। उन्होंने कार्यों की योजना और निगरानी में आंकड़ों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया।मंडल की परियोजनाओं की दी जानकारीमंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल ने पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रयागराज मंडल की उपलब्धियों और विभिन्न प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने भविष्य में प्रस्तावित परियोजनाओं, उनकी प्राथमिकताओं और क्षमता विस्तार से संबंधित योजनाओं के बारे में भी बताया।इस दौरान सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर ने परियोजनाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं को संरक्षा, गुणवत्ता, समयबद्धता और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाया जाए।जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि कानपुर–प्रयागराज रेलखंड के निरीक्षण और समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य चल रही आधारभूत संरचना परियोजनाओं की प्रगति को गति देना और उन्हें बेहतर गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करना है। उन्होंने कहा कि रेलवे यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर सेवाएं देने के लिए संरक्षा एवं आधुनिक तकनीक को प्राथमिकता दे रहा है।निरीक्षण के दौरान उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य इंजीनियर ए.के. मनुवाल, प्रमुख मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर दीपक कुमार सिन्हा, मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल, अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन एम.एम. वारिस, अपर मंडल रेल प्रबंधक सामान्य दीपक कुमार, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर समन्वय मो. जावेद अख्तर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।