महिलाओं के गर्भाशय रोगों की जांच और इलाज अब होगा अधिक सटीक, एसआरएन अस्पताल में स्थापित हुई आधुनिक हिस्टेरोस्कोपी मशीन
महिलाओं के गर्भाशय रोगों की जांच और इलाज अब होगा अधिक सटीक, एसआरएन अस्पताल में स्थापित हुई आधुनिक हिस्टेरोस्कोपी मशीन
प्रयागराज, 07 जुलाई उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अंतर्गत स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में आधुनिक हिस्टेरोस्कोपी मशीन स्थापित कर दी गई है। यह जानकारी मंगलवार को विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अमृता चौरसिया ने दी।
उन्होंने बताया कि नई मशीन के शुरू होने से गर्भाशय संबंधी जटिल बीमारियों का शीघ्र, सटीक और कम दर्द वाली प्रक्रिया से निदान एवं उपचार संभव होगा। इससे कई मामलों में महिलाओं को बड़ी सर्जरी की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें बेहतर व सुरक्षित उपचार मिल सकेगा।
डॉ. अमृता चौरसिया ने बताया कि हिस्टेरोस्कोपी एक आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक है, जिसके माध्यम से गर्भाशय के भीतर की स्थिति को सीधे देखा जाता है। इस तकनीक से असामान्य रक्तस्राव, गर्भाशय में पॉलिप, फाइब्रॉयड, चिपकाव (एडहीज़न), बांझपन तथा अन्य स्त्री रोगों का सटीक निदान और आवश्यकतानुसार उपचार किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि नई मशीन के स्थापित होने से विभाग की डायग्नोस्टिक और उपचारात्मक सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी। मरीजों को कम दर्द, कम समय और अधिक सुरक्षित उपचार का लाभ मिलेगा। साथ ही कई मामलों में अनावश्यक बड़ी सर्जरी से बचा जा सकेगा तथा अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी कम होगी।
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) ए.के. वर्मा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। हिस्टेरोस्कोपी मशीन की स्थापना महिलाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में भी आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को संस्थान में शामिल कर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती रहेंगी।
नई सुविधा शुरू होने से प्रयागराज और आसपास के जनपदों की महिला मरीजों को अब गर्भाशय संबंधी रोगों की उन्नत जांच और उपचार के लिए दूसरे बड़े चिकित्सा संस्थानों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे उन्हें स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।