प्रयागराज मंडल में भू-माफियाओं पर सख्ती, चिन्हित किए 58 नए भू-माफिया ; भूमि विवाद निस्तारण अभियान की समीक्षा

प्रयागराज मंडल में भू-माफियाओं पर सख्ती, चिन्हित किए 58 नए भू-माफिया ; भूमि विवाद निस्तारण अभियान की समीक्षा

प्रयागराज मंडल में भू-माफियाओं पर सख्ती, चिन्हित किए 58 नए भू-माफिया ; भूमि विवाद निस्तारण अभियान की समीक्षा

प्रयागराज, 30 जून । प्रयागराज मंडल में भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण और सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। एक जून से 30 जून तक चलाए गए विशेष अभियान के अंतिम दिन मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल और पुलिस महानिरीक्षक अजय मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि अभियान के तहत मंडल में 58 नए भू-माफियाओं की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध किया गया है। इनमें प्रयागराज के 18, प्रतापगढ़ के 15, कौशांबी के 21 और फतेहपुर के चार भूमाफिया शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि चिन्हित भूमाफियाओं के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आई है और समीक्षा अवधि में 27 प्रकरणों का समाधान किया जा चुका है। वहीं, जिला मजिस्ट्रेट स्तर पर कार्रवाई पूरी होने के बाद 21 मामलों को आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिए गिरोहबंद न्यायालय भेजा गया है।

प्रशासन ने भूमाफियाओं की सूची को और अधिक प्रामाणिक एवं अद्यतन बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है। पुलिस और प्रशासन के आंकड़ों का समन्वय कर संशोधित सूची तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

बैठक में नजूल, तालाबों और अन्य सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के सत्यापन की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के साथ-साथ अवैध रूप से सरकारी भूमि का विक्रय करने वाले लोगों के विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा कि वास्तविक भू-माफियाओं और सामान्य अतिक्रमणकर्ताओं के बीच स्पष्ट अंतर करते हुए निष्पक्ष एवं तथ्यपरक कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भू-माफियाओं के चिन्हांकन, बेदखली, संपत्ति कुर्की और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाए, ताकि अतिक्रमण मुक्त कराई गई सरकारी भूमि का उपयोग जनहित और विकास कार्यों में किया जा सके।