चेओकी की 508 आर्मी बेस वर्कशॉप ने रचा इतिहास, पहली बार किया टाट्रा 6x6 यूरो वाहन का सफल ओवरहॉल
चेओकी की 508 आर्मी बेस वर्कशॉप ने रचा इतिहास, पहली बार किया टाट्रा 6x6 यूरो वाहन का सफल ओवरहॉल
प्रयागराज, 27 जुलाई भारतीय सेना ने 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुख्यालय मध्य भारत एरिया के मार्गदर्शन में प्रयागराज के चेओकी स्थित 508 आर्मी बेस वर्कशॉप ने पहली बार भारतीय सेना के टाट्रा 6x6 यूरो वेरिएंट सैन्य वाहन का सफल ओवरहॉल (मरम्मत एवं पुनर्संचालन) पूरा किया है। इससे सेना की स्वदेशी मरम्मत और रखरखाव क्षमता को नई मजबूती मिली है।
यह जानकारी सोमवार को रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी एवं प्रवक्ता विंग कमांडर देबार्थो धर ने दी। उन्होंने बताया कि इससे पहले इसी कार्यशाला ने टाट्रा 8x8 यूरो वेरिएंट वाहन का भी सफल ओवरहॉल कर एक नई मिसाल कायम की थी। लगातार दूसरी सफलता ने 508 आर्मी बेस वर्कशॉप की उच्च तकनीकी दक्षता और आधुनिक सैन्य वाहनों के रखरखाव में उसकी विशेषज्ञता को साबित किया है।
भारतीय सेना के कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई) की इस उपलब्धि से यह स्पष्ट हुआ है कि सेना अब जटिल सैन्य प्लेटफॉर्मों के रखरखाव और मरम्मत में तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है। इससे विदेशी सहायता पर निर्भरता कम होगी और सैन्य उपकरणों का रखरखाव अधिक तेज, प्रभावी और किफायती तरीके से किया जा सकेगा।
यह उपलब्धि न केवल आधुनिक सैन्य वाहनों की परिचालन क्षमता को मजबूत करेगी, बल्कि सेना की लॉजिस्टिक व्यवस्था और तकनीकी सहायता को भी और अधिक प्रभावी बनाएगी। 508 आर्मी बेस वर्कशॉप के अधिकारियों और कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता, मेहनत और समर्पण ने इस सफलता को संभव बनाया है।
रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी एवं प्रवक्ता विंग कमांडर देबार्थो धर ने बताया कि टाट्रा 6x6 यूरो वेरिएंट वाहन का सफल ओवरहॉल भारतीय सेना की स्वदेशी तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह सफलता आधुनिक सैन्य उपकरणों के रखरखाव और दीर्घकालिक संधारण में भारतीय सेना की बढ़ती क्षमता का प्रमाण है।