‘वंदे मातरम्’ का गायन रोकना शर्मनाक, कांग्रेस को तत्काल माफी मांगनी चाहिए: केशव प्रसाद मौर्य

केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस पर साधा निशाना, वंदे मातरम् विवाद पर सार्वजनिक माफी की मांग

‘वंदे मातरम्’ का गायन रोकना शर्मनाक, कांग्रेस को तत्काल माफी मांगनी चाहिए: केशव प्रसाद मौर्य

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर आज बेहद तीखा हमला बोला है। यह हमला कांग्रेस मुख्यालय में हाल ही में हुए ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर उठे गंभीर विवाद के संदर्भ में किया गया है। मौर्य ने इस घटना को राष्ट्रीय गौरव और भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

मौर्य ने अपने बयान में कहा कि जिस तरह से कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं की प्रत्यक्ष मौजूदगी में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को रोकने या बाधित करने का प्रयास किया गया, वह कोई सामान्य घटना नहीं है। यह कृत्य सीधे तौर पर मां भारती के प्रति unwavering (अटूट) आस्था रखने वाले करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का अपमान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह देश के राष्ट्रीय प्रतीकों और उसकी विरासत के प्रति अनादर का स्पष्ट संकेत है।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्ता को रेखांकित करते हुए आगे कहा कि यह गीत केवल एक धुन या शब्द नहीं है, बल्कि यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम का अभिन्न हिस्सा रहा है और देशभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने स्मरण दिलाया कि ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंद (स्तंभ) हमारे राष्ट्र के सर्वोच्च प्रतीक स्थल, दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से भी कई बार गौरवपूर्वक गाए जा चुके हैं, जो इसकी सर्वमान्य राष्ट्रीय स्वीकृति को दर्शाता है। ऐसे में, एक प्रमुख राजनीतिक दल के मुख्यालय में इसके गायन को जानबूझकर बाधित करना न केवल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह सीधे-सीधे देश की आत्मा और उसके सम्मान का अपमान है।

उन्होंने कांग्रेस पर अपनी चिरपरिचित 'तुष्टिकरण की राजनीति' को एक बार फिर बढ़ावा देने का आरोप लगाया। मौर्य ने कहा कि इस घटना के माध्यम से कांग्रेस के नेताओं ने एक बार फिर उसी विभाजनकारी और तुष्टीकरण-आधारित राजनीति को आगे बढ़ाने का संदेश दिया है, जिसके बारे में उनका मानना है कि उसने 1947 में देश के भयावह विभाजन और पाकिस्तान के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया था। उन्होंने इस कृत्य को देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा बताया।

‘माफी मांगना जरूरी, किसी कीमत पर माफ नहीं किया जाएगा’

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस के इस कृत्य को बेहद गंभीर और अक्षम्य बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत को गाने से इनकार करना और उसके गायन को रोकने या उसमें बाधा डालने का प्रयास करना अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है। यह कार्य न केवल राष्ट्रीय सम्मान के विरुद्ध है, बल्कि यह उन सभी बलिदानियों का भी अपमान है जिन्होंने इस देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।

मौर्य ने इसे एक गंभीर और निंदनीय कृत्य बताते हुए मांग की कि इस पूरे मामले पर कांग्रेस को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और तत्काल, बिना किसी शर्त के देश से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में यह भी कहा कि "यह (कार्य) किसी भी कीमत पर माफ करने योग्य नहीं है।" मौर्य ने कांग्रेस से इस अवांछित घटना के पीछे के कारणों पर तत्काल स्पष्टीकरण देने और अपने इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये के लिए देशवासियों से बिना विलंब माफी मांगने की पुरजोर मांग की। उन्होंने चेताया कि इस तरह की राष्ट्रविरोधी मानसिकता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।