कानपुर में जन्माष्टमी और बाढ़ को लेकर अलर्ट मोड में नगर निगम, 300 मकान जलमग्न; राहत केंद्रों में सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश

नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने प्रभावित क्षेत्रों और बाढ़ राहत केंद्रों का किया निरीक्षण, साफ-सफाई, फॉगिंग, खाद्यान्न, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था तत्काल बेहतर करने के निर्देश दिए।

कानपुर में जन्माष्टमी और बाढ़ को लेकर अलर्ट मोड में नगर निगम, 300 मकान जलमग्न; राहत केंद्रों में सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश

कानपुर, 03 सितंबर । श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, फॉगिंग, खाद्यान्न और राहत केंद्रों में प्रकाश, पेयजल समेत जरूरी सुविधाएं तत्काल सुनिश्चित कराई जाएं। यह बातें गुरुवार को नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने स्थलीय निरीक्षण के दौरान कहीं।

नगर आयुक्त ने सबसे पहले नजीराबाद थाने के सामने से जेके मंदिर जाने वाले मार्ग का निरीक्षण किया गया। यहां सड़क के गड्ढों की मरम्मत और पैच कार्य कराया जा रहा था। नगर आयुक्त ने पूरे मार्ग पर पैच मरम्मत का कार्य रात में ही पूरा कराने के निर्देश दिए। मार्ग के बीच मिले बड़े गड्ढे को तत्काल बैरिकेडिंग कर ग्रीन कवरिंग से सुरक्षित करने और उसे समुचित रूप से भरकर आवागमन सुरक्षित कराने को कहा।

पूरे मार्ग के प्रकाश बिंदुओं को भी तत्काल क्रियाशील कराने तथा जरूरत के अनुसार अस्थायी प्रकाश व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। जोन-6 के जोनल अधिकारी महेंद्र कुमार को स्वयं मौके पर मौजूद रहकर सभी व्यवस्थाएं रात तक पूरी कराने और कार्यों की जीपीएसयुक्त फोटो नगर आयुक्त को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

इसके बाद गुमटी स्थित सनातन धर्म प्राचीन मंदिर का निरीक्षण किया गया। यहां प्रकाश व्यवस्था मजबूत करने और मंदिर परिसर के साथ आसपास के क्षेत्र में विशेष साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान मुख्य मार्ग पर कोई अतिक्रमण नहीं मिला। संबंधित जोनल अधिकारी और नगर स्वास्थ्य अधिकारी को जन्माष्टमी के मद्देनजर पूरे मार्ग पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

इसके बाद नगर आयुक्त और एसडीएम सदर ने पांडु नदी के जलस्तर में वृद्धि से प्रभावित रविदास पुरम, मायापुरी आदि क्षेत्रों का निरीक्षण किया। मौके पर करीब 300 मकान जलमग्न पाए गए। जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए व्यवस्था की गई है, लेकिन स्थानीय लोगों ने राहत केंद्र में जाने से इनकार कर दिया। ऐसे में फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में ही लोगों को खाद्यान्न, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

नगर आयुक्त ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल और नियमित फॉगिंग कराने के साथ विशेष साफ-सफाई के निर्देश दिए। जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर प्रभावित परिवारों के लिए खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने को भी कहा गया। क्षेत्रीय पार्षद से प्रभावित लोगों से संवाद कर उन्हें सुरक्षित राहत केंद्र में जाने के लिए प्रेरित करने की अपेक्षा की गई, जिससे जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी अप्रिय घटना या जनहानि की आशंका को टाला जा सके।

इसके बाद बर्रा विश्व बैंक स्थित कंपोजिट विद्यालय में बनाए गए बाढ़ राहत केंद्र का निरीक्षण किया गया। यहां विद्युत प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने से अंधेरा मिला। नगर आयुक्त ने मार्ग प्रकाश विभाग को रात में ही राहत केंद्र में आवश्यक प्रकाश व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।

राहत केंद्र में कम से कम दो बार फॉगिंग कराने और पर्याप्त साफ-सफाई रखने को कहा गया। संबंधित जोनल अधिकारी को नगर निगम की ओर से बनाए गए सभी अस्थायी राहत केंद्रों का निरीक्षण कर वहां साफ-सफाई, फॉगिंग, शुद्ध पेयजल और मार्ग प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।

नगर आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि राहत केंद्रों में ठहरे प्रभावित नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं सुचारु रूप से मिलनी चाहिए। किसी भी जरूरत की स्थिति में संबंधित विभागों से तत्काल समन्वय कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व और बाढ़ की वर्तमान स्थिति को देखते हुए सभी व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करने तथा अपने दायित्वों का तत्परता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए।