झूंसी शास्त्री ब्रिज पर वकीलों, डाक्टरों, एम्बुलेंस, टीचरों एवं छात्रों को सावन में चलने की अनुमति देने की मांग की याचिका खारिज

झूंसी शास्त्री ब्रिज पर वकीलों, डाक्टरों, एम्बुलेंस, टीचरों एवं छात्रों को सावन में चलने की अनुमति देने की मांग की याचिका खारिज

झूंसी शास्त्री ब्रिज पर वकीलों, डाक्टरों, एम्बुलेंस, टीचरों एवं छात्रों को सावन में चलने की अनुमति देने की मांग की याचिका खारिज

प्रयागराज, 25 अगस्त । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान शास्त्री ब्रिज प्रयागराज के दोनों तरफ वकीलों, डाक्टरों, एम्बुलेंस, टीचरों एवं छात्रों को यात्रा करने की अनुमति देने को लेकर दाखिल याचिका खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ट्राफिक रेगुलेट करने का काम स्थानीय प्रशासन का है।

यह आदेश चीफ जस्टिस अरूण भंसाली एवं जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने प्रेम नारायण पाण्डेय की तरफ से दाखिल जनहित याचिका को खारिज करते हुए दिया। याचिका का प्रदेश सरकार के अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता रामानंद पांडेय ने विरोध किया।

एडीए कालोनी रसूलाबाद, तेलियरगंज निवासी याची का कहना था कि शास्त्री ब्रिज का एक साइड का रोड कांवरियों के लिए सुरक्षित रखा गया है। उस पर उनके अलावा कोई और नहीं चल सकता है, जबकि वह रोड़ खाली रहती है। एक साइड का रोड कांवरियों के लिए सुरक्षित रहने के चलते वहां घंटों जाम लगा रहता है।