गुरु पूर्णिमा पर गंगा घाटों पर उमड़ी आस्था, सुरक्षा के रहे व्यापक इंतजाम
गुरु पूर्णिमा पर गंगा घाटों पर उमड़ी आस्था, सुरक्षा के रहे व्यापक इंतजाम
कानपुर, 29 जुलाई । गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार तड़के से ही शहर के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सरसैया घाट, परमट, नानाराव जाजमऊ, गंगा बैराज और बिठूर घाट समेत प्रमुख घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त से गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर अपने गुरु का आशीर्वाद लिया और परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की। घाटों पर सुबह से ही "हर-हर गंगे" और "गुरु देव की जय" के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सभी प्रमुख घाटों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। पुलिस, जल पुलिस, पीएसी, गोताखोरों और मोटरबोट की तैनाती की गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। वहीं नगर निगम की ओर से घाटों की साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस और चिकित्सा टीमों को मौके पर तैनात रखा।
इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने थाना बिठूर क्षेत्र स्थित बिठूर घाट का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उनके साथ सहायक पुलिस आयुक्त कल्याणपुर भी मौजूद रहे। डीसीपी ने घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी सतर्कता और मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए हर समय तैयार रहने के निर्देश दिए।
सनातन परंपरा में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और गुरु वंदन से ज्ञान, सद्बुद्धि तथा जीवन में सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी आस्था के चलते सुबह से ही शहर के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।