एशियाई पैरा खेल : हरविंदर-विजय की जोड़ी ने तीरंदाजी में दिलाया स्वर्ण
पुरुष रिकर्व युगल फाइनल में चीन को 5-1 से हराया; थुलासिमति मुरुगेसन, प्रमोद और भावना-पूजा की जोड़ी ने जीते रजत पदक
आइची-नागोया, 23 अक्टूबर । एशियाई पैरा खेल-2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को खेलों के पांचवें दिन हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की जोड़ी ने पुरुष रिकर्व युगल तीरंदाजी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इसके अलावा थुलासिमति मुरुगेसन, प्रमोद और महिला रिकर्व युगल जोड़ी भावना तथा पूजा ने रजत पदक अपने नाम किए।
पुरुष रिकर्व युगल स्पर्धा के फाइनल में हरविंदर सिंह और पदार्पण कर रहे विजय सुंडी ने चीन को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। दोनों टीमों के बीच पहला सेट 35-35 से बराबर रहा। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने दूसरे सेट में 37-36 और तीसरे सेट में 38-36 से जीत दर्ज कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। हरविंदर और विजय ने दबाव के बीच सटीक निशाने लगाते हुए चीन की चुनौती को समाप्त किया। हरविंदर लक्ष्य ओलंपिक पोडियम योजना से जुड़े खिलाड़ी हैं।
महिला रिकर्व युगल स्पर्धा में भावना और पूजा को रजत पदक मिला। स्वर्ण पदक के मुकाबले में भारतीय जोड़ी को चीन के खिलाफ 0-6 से हार का सामना करना पड़ा। चीन की तीरंदाजों ने पहला सेट 38-31, दूसरा 35-30 और तीसरा 39-29 से जीता। चीनी जोड़ी ने प्रति तीर औसतन 9.33 अंक हासिल किए, जबकि भारतीय जोड़ी का औसत 7.50 अंक रहा। इसके बावजूद भावना और पूजा ने फाइनल तक पहुंचकर भारत के लिए पदक सुनिश्चित किया।
बैडमिंटन में थुलासिमति मुरुगेसन ने महिला एकल एसयू5 वर्ग में रजत पदक जीता। फाइनल में उन्हें चीन की चिउशिया यांग ने 21-18, 21-11 से हराया। थुलासिमति ने फाइनल तक शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन खिताबी मुकाबले में चीनी खिलाड़ी ने बेहतर खेल दिखाया।
थुलासिमति का जन्म 11 अप्रैल 2002 को तमिलनाडु के कांचीपुरम में हुआ था। उन्होंने पांच वर्ष की उम्र में खेलना शुरू किया और बाद में बैडमिंटन अपनाया। बाएं हाथ में जन्मजात विकृति के कारण उनके अंगूठे का विकास नहीं हुआ। उन्हें हाथ की नस से जुड़ी समस्या और मांसपेशियों में कमजोरी का भी सामना करना पड़ा है। उनके पिता डी. मुरुगेसन ने पांच वर्षों तक उन्हें प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उन्हें पैरा खेलों की ओर प्रेरित किया। थुलासिमति विश्व चैंपियनशिप और फाजा दुबई पैरा बैडमिंटन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी पदक जीत चुकी हैं।
एथलेटिक्स में प्रमोद ने पुरुषों की 1500 मीटर टी46 स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। उन्होंने चार मिनट 9.65 सेकंड का समय निकाला। प्रमोद ने हांगझोऊ में 2022 के एशियाई पैरा खेलों में भी इस स्पर्धा में रजत पदक जीता था। इस तरह उन्होंने लगातार दूसरी बार इस स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया।
भारत के लिए पांचवें दिन का स्वर्ण पदक हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की जोड़ी ने दिलाया, जबकि थुलासिमति, प्रमोद तथा भावना-पूजा की जोड़ी ने रजत पदक जीतकर देश की पदक संख्या में इजाफा किया।