यूपी बोर्ड परीक्षाएं कल 18 फरवरी से, सभी जरूरी तैयारियां पूरी : भगवती सिंह सचिव
यूपी बोर्ड परीक्षाएं कल 18 फरवरी से, सभी जरूरी तैयारियां पूरी : भगवती सिंह सचिव
प्रयागराज, 17 फ़रवरी । उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बाेर्ड ) की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं कल 18 फरवरी से शुरु हाे रही हैं और 12 मार्च 2026 तक चलेंगी। प्रदेश भर में कुल 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 53 लाख 37 हजार 778 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा के संचालन पर नजर रखने के लिए बोर्ड मुख्यालय प्रयागराज के साथ साथ निदेशक के शिविर कार्यालय लखनऊ में भी राज्य स्तरीय कमांड एंड कंट्रोल रूम स्थापित किया गया हैं।
यह जानकारी मंगलवार को माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के सचिव भगवती सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं कल 18 फरवरी से 8033 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में शुरू होंगी। परीक्षा में 53 लाख 37 हजार 778 परीक्षार्थी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल होंगे। प्रथम पाली सुबह 8.30 बजे से 11.45 बजे, द्वितीय पाली सायं 2 बजे से 5.15 बजे तक हाेगी।
8033 परीक्षा केंद्र
बोर्ड परीक्षा के लिए उ्त्तर प्रदेश में 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें संवेदनशीलता के आधार पर 222 अति संवेदनशील और 683 संवेदनशील केंद्र चिन्हित किए गए हैं। 18 जनपदों को विशेष संवेदनशील घोषित कर अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं।
प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे
सचिव ने बताया कि छात्रों को अच्छी सुविधा के लिए प्री-बोर्ड परीक्षाओं में पिछले वर्षों के बोर्ड प्रश्नों का उपयोग किया गया। प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव फीड लखनऊ में दो राज्य स्तरीय और प्रयागराज में एक कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से निगरानी की जाएगी । जनपद स्तर पर सचल दल, पर्यवेक्षक, क्षेत्रीय और मंडलीय कार्यालयों से सतत निरीक्षण सुनिश्चित किया गया है। हेल्पलाइन राज्य स्तर पर (लखनऊ और प्रयागराज) सक्रिय हैं, साथ ही मनोवैज्ञानिक मार्गदर्शन भी उपलब्ध है।
पहली बार बदला गया कापियों का रंग
कॉपियों में बदलाव ए और बी कॉपी भी अलग रंगों में कॉपियों का लेआउट पोर्ट्रेट साइज (ए फोर शीट जैसा) में बदला गया है। हाईस्कूल की ए और बी कॉपी अलग-अलग रंगों में तथा इंटरमीडिएट की ए और बी कॉपी भी अलग रंगों में हैं। प्रत्येक कॉपी पर बाईं ओर केंद्र का यूनिक नंबर वाला बॉक्स जोड़ा गया है, ताकि अदला-बदली न हो सके और छात्रों को विद्यालय जैसी सहूलियत रहे।
नकल रोकने के कदम, सक्रिय रहेगी एसटीएफ
उन्हाेंने बताया कि प्रदेश के संवेदनशील केंद्रों और जनपदों की सूची एसटीएफ व एलआईयू को सौंपी गई है। पुलिस निगरानी, प्रतिदिन अति संवेदनशील केंद्रों का दो बार निरीक्षण होगा। नकल पर नया कानून 204 लागू है जिसमें नकल करने पर पकड़े जाने पर छात्र फेल होकर एक वर्ष वंचित रहेंगे, जबकि नकल कराने वालों को न्यूनतम 7 वर्ष कारावास और 1 करोड़ तक जुर्माना लगेगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने हिन्दुस्थान समाचार काे बताया कि नकल राेकने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि उत्तर प्रदेश की नई पीढ़ी अपने हुनर के बल पर समाज में योगदान दे और हम एक वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी की तरफ बढ़ सकें। बाेर्ड परीक्षा में यदि छात्र गलती से अनुचित साधन प्रयोग करता है तो नियमों के तहत संबंधित छात्र फेल होगा और उसे एक वर्ष नहीं बैठने दिया जाएगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति नकल कराने में, नकल के लिए प्रेरणा देने के लिए या परीक्षा कार्य से जुड़े हुए लोगों को धमकी देने में, प्रलोभन देने में संलिप्त पाया जाता है तो उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाही हाेगी। नकल विहीन परीक्षा के लिए प्रदेश के 20 परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाएं जा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों से स्ट्रांग रूम की रात में रैंडम चेकिंग कराई जाएगी और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए सशस्त्र बल तैनात होंगे।