एक्यूप्रेशर के जरिए असाध्य रोगों का उपचार सम्भव : जेपी अग्रवाल
-एक्युप्रेशर संस्थान का 27वां राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न
प्रयागराज, 13 नवम्बर। झूंसी के छतनाग में एक्यूप्रेशर शोध एवं उपचार संस्थान के चल रहे छह दिवसीय 27वें राष्ट्रीय सम्मेलन का गुरूवार को समापन हो गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. आंजनेय शुक्ला ने समापन के अवसर पर आने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किया।
इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष जे.पी. अग्रवाल ने प्रतिभागियों को कई महत्वपूर्ण उपचार प्रबन्ध प्रस्तुत किये। जो ऐसे असाध्य रोगों पर आधारित थे या अन्य चकित्सा विधा द्वारा असाध्य घोषित किए जा चुके थे। उन्होंने कई उपचार प्रबन्ध साक्ष्य के साथ प्रस्तुत किए।समापन दिवस पर प्रातःकालीन सत्र में प्रभात वर्मा ने अत्यन्त कम बिन्दुओं से उपचार की उपयोगिता पर बल देते हुए बिन्दुओं के चयन का तरीका बताया। प्रो. राम कुमार शर्मा ने शरीर की संरचना की बारीकियों की ओर इंगित करते हुए बताया कि हम एक्यूप्रेशर को कम पढ़े-लिखे लाेगाें की चकित्सा विधा समझते हैं, लेकिन आयुर्वेद का समन्वय इस विधा को चमत्कारी प्रभाव देने वाला साबित हो रहा है।
कार्यक्रम का समापन गुरु-शिष्य संवाद के माध्यम से हुआ। जहां प्रतिभागियों ने सम्मेलन के दौरान अपने अनुभवों को साझा किया। संस्थान के निदेशक ए.के. द्विवेदी ने वर्ष भर की अपनी योजनाओं के बारे में अवगत कराया।
संस्थान की मीडिया प्रभारी डॉ. उर्वशी उपाध्याय ने बताया कि समापन समारोह का संचालन अनिल सिंह ने तथा धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के महासचिव एम.एम. कूल ने किया। कार्यक्रम में एस.एस. सराफ, एस.पी. केसरवानी, ए.के. शुक्ला, एस.के. गोयल, विशाल, जायसवाल, आलोक कमलिया, अभय त्रिपाठी, सुनील मिश्रा, सुशील मध्यान, अनिल शुक्ला, राजेश श्रीवास्तव, राजेश वर्मा सहित लगभग 350 लोग शामिल रहे।