11वीं की छात्रा साक्षी यादव हत्याकांड का खुलासा, सीसीटीवी की 'तीसरी आँख' ने पकड़वाया कातिल को

शव की खोज और मामले की गंभीरता

11वीं की छात्रा साक्षी यादव हत्याकांड का खुलासा, सीसीटीवी की 'तीसरी आँख' ने पकड़वाया कातिल को

प्रयागराज, 17 नवम्बर । प्रयागराज के थरवई क्षेत्र के लखरावां गांव में एक खेत से 11वीं कक्षा की छात्रा साक्षी यादव का मिट्टी में दबा हुआ शव मिला, जिसने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया। शव की पहचान तब हुई जब गाँववालों की नज़र मिट्टी के ऊपर निकले एक हाथ पर पड़ी। मौके पर पहुँची पुलिस ने शव को बाहर निकाला और पाया कि लड़की की हत्या की गई है। घटना की बर्बरता और पीड़िता की उम्र ने इस मामले को सनसनीखेज बना दिया। परिवार के सदस्यों के साथ-साथ पूरा इलाका सदमे में था। सबसे बड़ा सवाल यह था: "साक्षी को किसने मारा और क्यों?"

पुलिस की जांच और सीसीटीवी का अहम रोल

प्रयागराज पुलिस ने 72 घंटों के भीतर मामले को सुलझाने का ऐलान किया। जांच टीम ने सबसे पहले साक्षी के परिवार, दोस्तों और सहपाठियों से पूछताछ की, लेकिन शुरुआत में कोई ठोस सुराग नहीं मिला। फिर पुलिस ने थरवई से कैंट तक के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बारीकी से जांचना शुरू किया।

तीन दिनों तक चली मेहनत के बाद एक महत्वपूर्ण क्लू मिला: एक सीसीटीवी फुटेज में साक्षी को एक युवक की बाइक पर बैठकर जाते हुए देखा गया। यह आखिरी बार था जब साक्षी को जीवित देखा गया था। पुलिस ने इस युवक की पहचान हर्षवर्धन सिंह उर्फ दीपक के रूप में की, जो साक्षी का परिचित था।

गिरफ्तारी और कबूलनामा

फुटेज के आधार पर पुलिस ने हर्षवर्धन को तलाशना शुरू किया और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने हत्या का अपराध कबूल कर लिया। उसके मुताबिक, साक्षी के साथ उसकी किसी बात को लेकर तकरार हुई थी, जिसके बाद गुस्से में उसने उसे मार दिया।

हत्या के बाद हर्षवर्धन घबरा गया और साक्षी के शव को लखरावां के एक खेत में ले जाकर मिट्टी में दफना दिया, ताकि किसी को शक न हो। उसने सोचा था कि वह पुलिस को चकमा दे देगा, लेकिन सीसीटीवी की फुटेज ने उसकी पोल खोल दी।

कैसे पकड़ा गया कातिल? – पूरी कहानी

  1. शव की बरामदगी: लखरावां गांव के खेत में साक्षी का शव दफन मिला।
  2. शुरुआती जांच: पुलिस ने परिजनों और दोस्तों से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
  3. सीसीटीवी की मदद: पुलिस ने कैंट से थरवई तक के 50+ कैमरों की फुटेज चेक की।
  4. अहम फुटेज: एक कैमरे में साक्षी को हर्षवर्धन के साथ बाइक पर जाते देखा गया।
  5. गिरफ्तारी: पुलिस ने हर्षवर्धन को धर दबोचा।
  6. कबूलनामा: आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की और बताया कि वह गुस्से में यह कदम उठा बैठा।

निष्कर्ष: सीसीटीवी ने किया खुलासा

प्रयागराज पुलिस ने केवल 72 घंटे में इस जघन्य हत्या का खुलासा कर दिखाया कि तकनीक के इस युग में अपराधी भाग नहीं सकते। सीसीटीवी की "तीसरी आँख" ने एक बार फिर साबित किया कि यह आधुनिक जाँच का सबसे बड़ा हथियार है।

अब आरोपी के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने के आरोपों में मुकदमा चलेगा, जबकि साक्षी के परिवार को न्याय की उम्मीद मिली है। इस मामले ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि युवाओं की हिंसक प्रवृत्ति को कैसे रोका जाए।