संस्कृत महाविद्यालयों के शिक्षकों के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार : ध्रुव कुमार त्रिपाठी

संस्कृत महाविद्यालयों के शिक्षकों के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार : ध्रुव कुमार त्रिपाठी

संस्कृत महाविद्यालयों के शिक्षकों के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार : ध्रुव कुमार त्रिपाठी

लखनऊ, 10 फ़रवरी । उत्तर प्रदेश विधानमंडल बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को विधान परिषद में संस्कृत महाविद्यालयों के शिक्षकों के स्थानान्तरण का मुद्दा छाया रहा। आजादी के 79 वर्ष के बाद भी संस्कृत महाविद्यालय के शिक्षक स्थानान्तरण की सुविधा से वंचित हैं।

शिक्षक एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने सदन को अवगत कराते हुए कहा कि प्राच्य भाषा एवं देववाणी के ध्वजवाहक संस्कृत महाविद्यालयों के शिक्षकों के साथ यह सनातनी सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। सनातनी परम्परा की विचारधारा वाली प्रदेश सरकार के रहते एकल स्थानान्तरण ऑनलाइन व ऑफलाइन अभी तक प्रभावी नहीं हो सका है। सरकार के इस कार्यप्रणाली से संस्कृत के शिक्षक व्यथित हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के राज्य कर्मचारी, माध्यमिक, प्राथमिक एवं संस्कृत माध्यमिक के साथ-साथ उच्च शिक्षा के अधीन संचालित सभी महाविद्यालयों में स्थानान्तरण की सुविधा विद्यमान है, लेकिन संस्कृत महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए स्थानान्तरण की सुविधा आजादी के 79 वर्ष के बाद भी प्रदान नहीं की गयी है।

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग ने सारी हदें पार करते हुए संस्कृत महाविद्यालयों के शिक्षकों के एकल स्थानान्तरण के सम्बन्ध में अभी तक कोई व्यवस्था नहीं दी है। प्रदेश की सरकार के उपेक्षा के शिकार ये शिक्षक मायूस एवं लाचार हैं। एकल स्थानान्तरण की सुविधा न होने के कारण सरकार के प्रति इन शिक्षकों एवं इनके परिवारों में भारी रोष एवं आक्रोश है, स्थिति गंभीर एवं चिन्ताजनक है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इनकी समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित कदम उठाने की अपील की।--------------