प्रदेश भाजपा आज करेगी ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गान, चारों संसदीय क्षेत्रों में विशेष आयोजन
प्रदेश भाजपा आज करेगी ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गान, चारों संसदीय क्षेत्रों में विशेष आयोजन
शिमला, 07 नवंबर । राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर भारतीय जनता पार्टी शुक्रवार को प्रदेशभर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। प्रदेश के चारों संसदीय क्षेत्रों शिमला, कांगड़ा, मंडी और हमीरपुर में आज प्रातः 11 बजे ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गान किया जा रहा है। शिमला संसदीय क्षेत्र का मुख्य कार्यक्रम होटल वुडविल पैलेस में आयोजित होगा, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अनुराग ठाकुर तथा सांसद सुरेश कश्यप मुख्य रूप से भाग लेंगे।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक भूमिका और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक स्वरूप को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पूरे देश में जनभागीदारी वाले उत्सव आयोजित कर रही है।
परमार ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस गीत को देश के प्रत्येक स्कूल में दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाना चाहिए ताकि नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना और मजबूत हो।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम लीग को खुश करने के लिए वंदे मातरम् को पूर्ण रूप से लागू नहीं होने दिया। 1937 में कांग्रेस कार्य समिति ने यह निर्णय लिया था कि मूल रूप से पाँच छंदों वाले इस गीत के केवल पहले दो छंद ही गाए जाएँगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की यह सोच उसकी तुष्टीकरण नीति को दर्शाती है। विपिन परमार ने कहा कि 1923 में काकीनाडा में हुए कांग्रेस अधिवेशन में जब पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर को वंदे मातरम् गाने के लिए आमंत्रित किया गया, तब तत्कालीन अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अली ने धार्मिक आधार पर आपत्ति जताई थी। बाद में कांग्रेस और उसके कई नेताओं ने भी समय-समय पर इस गीत के प्रति असहिष्णुता दिखाई।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2017 में एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने स्कूलों में वंदे मातरम् को अनिवार्य करने वाले सर्कुलर को रद्द करने की मांग की थी और तेलंगाना सरकार ने इस पर सहमति जताई। इसी तरह 2019 में मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने सचिवालय में वंदे मातरम् गाने पर रोक लगा दी थी।