सोनभद्र खनन हादसा: अंतिम शव मिलने तक जारी रहेगा रेस्क्यू ऑपरेशन, प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने लिया जायजा

सोनभद्र खनन हादसा: अंतिम शव मिलने तक जारी रहेगा रेस्क्यू ऑपरेशन, प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने लिया जायजा

सोनभद्र खनन हादसा: अंतिम शव मिलने तक जारी रहेगा रेस्क्यू ऑपरेशन, प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने लिया जायजा

सोनभद्र, उत्तर प्रदेश:

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में हुए दर्दनाक खनन हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। ओबरा क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी में हुए इस हादसे में कई मजदूर मलबे में दब गए थे, जिसके बाद से ही घटनास्थल पर युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है।

सोमवार को इस संवेदनशील स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और जिले के प्रभारी मंत्री, श्री रविन्द्र जायसवाल, घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन रेस्क्यू’ की प्रगति की समीक्षा की और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।


राहत कार्यों का निरीक्षण और सुरक्षा के निर्देश

प्रभारी मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने बिल्ली मारकुंडी खनन स्थल पर पहुंचकर जमीनी हकीकत का आकलन किया। उन्होंने राहत कार्यों में जुटे जवानों और अधिकारियों से बातचीत की और इस बात पर जोर दिया कि बचाव कार्य को पूर्ण सुरक्षात्मक व्यवस्था को अपनाते हुए किया जाए। खनन क्षेत्र में काम करना स्वयं में जोखिमपूर्ण होता है, और ऐसे में राहत कार्यों के दौरान किसी भी अतिरिक्त दुर्घटना से बचना आवश्यक है।

मंत्री जायसवाल ने बचाव दल को स्पष्ट आदेश दिया कि यह ऑपरेशन तब तक जारी रखा जाए जब तक मलबे में दबे सभी मजदूरों के शव बरामद नहीं कर लिए जाते।

अज्ञात व्यक्तियों की खोजबीन पर विशेष जोर

राहत कार्यों की समीक्षा के दौरान, मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बरामद शवों को निकालने के बाद भी पूरे मलवे में गहनता से खोजबीन की जानी चाहिए।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति, जिसके बारे में अभी तक जानकारी नहीं मिल पाई है, वह मलबे में दबा न रह जाए। मलबा इतना विशाल है कि अज्ञात लोगों के संबंध में सही स्थिति की जानकारी तभी हो सकेगी जब पूरी साइट की पूरी तरह से छानबीन कर ली जाए। यह कदम इस मानवीय त्रासदी में लापता हुए हर व्यक्ति का पता लगाने के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अब तक 5 शव बरामद, प्रशासनिक सख्ती

जिला प्रशासन ने भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है। प्रभारी मंत्री ने बताया कि जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर जनपद के प्रत्येक गांव में ग्राम प्रधानों के माध्यम से 'मुनादी' (सार्वजनिक घोषणा) कराई गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अगर किसी गांव का कोई व्यक्ति खनन कार्य कर रहा था और लापता है, तो उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दी जाए।

'ऑपरेशन रेस्क्यू' के माध्यम से अब तक मलबे में दबे 5 मजदूरों के शवों को बरामद किया जा चुका है। हालांकि, शवों की तलाश और शिनाख्त का कार्य अभी भी जारी है, क्योंकि मलबे की विशालता के कारण यह ऑपरेशन धीमी और सुरक्षित गति से चलाया जा रहा है।

सोनभद्र का यह खनन हादसा प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है, लेकिन प्रभारी मंत्री के निर्देश और NDRF/SDRF की मुस्तैदी यह सुनिश्चित करती है कि प्रयास तब तक जारी रहेंगे जब तक सभी पीड़ितों के परिवारों को अंतिम रूप से सांत्वना नहीं मिल जाती।