एपीओ भर्ती में आरक्षण विवाद : हाईकोर्ट ने खारिज की विशेष अपील

एपीओ भर्ती में आरक्षण विवाद : हाईकोर्ट ने खारिज की विशेष अपील

एपीओ भर्ती में आरक्षण विवाद : हाईकोर्ट ने खारिज की विशेष अपील

प्रयागराज, 24 जून । इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने सहायक अभियोजन अधिकारी भर्ती-2025 से जुड़ी एक विशेष अपील खारिज कर दी। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया।

पंकज वर्मा सहित तीन अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 30 अप्रैल 2026 को घोषित ए पी ओ प्रारम्भिक परीक्षा-2025 के परिणाम को चुनौती दी थी। अभ्यर्थियों का कहना था कि आयोग ने उन आरक्षित वर्ग के मेधावी अभ्यर्थियों को अनारक्षित श्रेणी में स्थानांतरित नहीं किया, जिन्होंने सामान्य कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त किए थे। उन्होंने यूपी आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 3(6) का हवाला देते हुए परिणाम फिर से घोषित करने की मांग की थी।

एकल न्यायाधीश ने 18 जून 2026 को प्रतिवादियों को तीन सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का समय दिया और अंतरिम राहत की अर्जी को पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद सुनने का निर्देश दिया। इसी आदेश के खिलाफ अभ्यर्थियों ने विशेष अपील दाखिल की थी।

अभ्यर्थियों ने कहा कि ए पी ओ मुख्य परीक्षा 28 से 30 जून 2026 के बीच होनी है। यदि अभी राहत नहीं मिली तो वे मुख्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर हमेशा के लिए खो देंगे और याचिका निरर्थक हो जाएगी।

आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने तर्क दिया कि प्रारम्भिक परीक्षा केवल एक छंटनी प्रक्रिया है, इसके अंक अंतिम चयन में नहीं जुड़ते। धारा 3(6) का लाभ अंतिम चयन के चरण में मिलता है, न कि प्रारम्भिक परीक्षा में। जो अभ्यर्थी पहले से मुख्य परीक्षा के लिए चुने जा चुके हैं, उन्हें पक्षकार बनाए बिना परिणाम बदला नहीं जा सकता।

खंडपीठ ने अपील खारिज करते हुए कहा कि एकल पीठ का आदेश विशुद्ध प्रक्रियागत है, उसमें किसी अधिकार का अंतिम निर्धारण नहीं हुआ, अतः वह ‘निर्णय’ की श्रेणी में नहीं आता। अभ्यर्थियों ने यह साबित नहीं किया कि उनकी व्याख्या मान भी ली जाए तो वे मुख्य परीक्षा की सूची में अवश्य आ जाएंगे। अपूरणीय क्षति का दावा निराधार है। अंतरिम राहत की मांग मूल राहत के समान है, इसलिए इसे इस चरण पर नहीं दिया जा सकता। प्रथम दृष्टया धारा 3(6) अंतिम चयन पर लागू होती है, न कि स्क्रीनिंग परीक्षा पर।

खंडपीठ ने एकल पीठ को निर्देश दिया कि वह मामले के सभी पहलुओं पर उचित समय पर विचार करे। ए पी ओ मुख्य परीक्षा अब निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 28 से 30 जून के बीच आयोजित होगी।