नेतन्याहू मध्य पूर्व की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा : तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन का तीखा बयान

नेतन्याहू मध्य पूर्व की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा : तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन का तीखा बयान

नेतन्याहू मध्य पूर्व की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा : तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन का तीखा बयान

अंकारा/दोहा, 18 जून । मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर सीधा और तीखा हमला बोला है। एर्दोगन ने नेतन्याहू को "मध्य पूर्व की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा" करार दिया है, जो गाजा युद्ध और क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर उनकी गहरी चिंता को दर्शाता है।

यह गंभीर आरोप तुर्की के राष्ट्रपति ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी के साथ फोन पर हुई महत्वपूर्ण बातचीत के दौरान लगाया। इस बातचीत का विवरण तुर्की राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया।

'एक्स' पोस्ट में बताया गया कि राष्ट्रपति एर्दोगन ने हाल ही में ईरान पर इजरायल के कथित हमलों के बाद क्षेत्र में उपजे तनाव और संघर्षों को लेकर गहन राजनयिक प्रयास शुरू किए हैं। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में हिंसा के दुष्चक्र को समाप्त करना और स्थिरता बहाल करना है। उन्होंने इस दिशा में अपने प्रयासों को जारी रखने का संकल्प दोहराया।

एर्दोगन ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इजरायल द्वारा किसी भी तरह की कार्रवाई या हमले गाजा पट्टी में चल रहे गंभीर मानवीय संकट और नरसंहार की वास्तविकता को छिपाने का बहाना नहीं बन सकते। उनके इस बयान ने गाजा में इजरायल के सैन्य अभियानों के प्रति तुर्की के कड़े रुख को एक बार फिर उजागर किया।

उन्होंने यह भी कड़ी चेतावनी दी कि यदि इन घटनाओं और बढ़ते तनाव को समय रहते प्रभावी ढंग से नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह संघर्ष पड़ोसी देश सीरिया को भी अपनी चपेट में ले सकता है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ेगी और इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।

गौरतलब है कि तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से ही बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायली नीतियों के सबसे मुखर आलोचकों में से एक रहे हैं। उन्होंने लगातार इजरायली सरकार और उसके सैन्य अभियानों की निंदा की है। वे अक्सर इजरायल को "आतंकी राष्ट्र" करार देते आए हैं और तो और, उन्होंने प्रधानमंत्री नेतन्याहू की तुलना नाजी नेता एडॉल्फ हिटलर से भी की है, जो उनके विरोध की चरम सीमा को दर्शाता है।

एर्दोगन का यह नवीनतम बयान मध्य पूर्व की स्थिति को लेकर तुर्की की निरंतर चिंता, गाजा के लोगों के प्रति उसके समर्थन और क्षेत्र में अपनी राजनयिक भूमिका को मजबूत करने के उसके प्रयासों को रेखांकित करता है।