माघ मेला 2026: श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा के लिए रेलवे पुलिस ने कसी कमर, एडीजी ने किया निरीक्षण

महाकुंभ की तर्ज पर बनेगी सुरक्षा-व्यवस्था

माघ मेला 2026: श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा के लिए रेलवे पुलिस ने कसी कमर, एडीजी ने किया निरीक्षण

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: आस्था, श्रद्धा और संस्कृति के महापर्व, प्रयागराज माघ मेला 2026 के भव्य आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। संगम की पवित्र धरती पर लगने वाले इस विशाल आध्यात्मिक समागम में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं, कल्पवासियों और साधु-संतों का आगमन होता है। इसी के मद्देनजर, श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने अपनी कमर कस ली है।

बुधवार को, राजकीय रेलवे पुलिस के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) श्री प्रकाश डी ने प्रयागराज जंक्शन समेत अन्य स्टेशनों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, प्रवेश व निकास द्वार, और सुरक्षा नियंत्रण कक्ष की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उनके साथ जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। यह निरीक्षण 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा के पहले पावन स्नान के साथ शुरू होने वाले मेले की तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, जहाँ प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हर एक श्रद्धालु की सुरक्षा है।

महाकुंभ के अनुभव से लेंगे सबक, सुरक्षा का बनेगा त्रिस्तरीय घेरा

निरीक्षण के बाद आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में एडीजी प्रकाश डी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप, पिछले महाकुंभ मेले के सफल और निर्विघ्न आयोजन के सुनहरे अनुभव को आधार बनाते हुए इस वर्ष की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और भी अभेद्य बनाने के लिए कई नए और आधुनिक कदम उठाए जा रहे हैं।

दिल्ली और देश के अन्य बड़े शहरों में हाल में हुई घटनाओं से सबक लेते हुए सुरक्षा को लेकर कोई भी ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जीआरपी और आरपीएफ मिलकर रेलवे स्टेशनों और इसके आसपास के परिसरों में एक संयुक्त और एकीकृत सुरक्षा तंत्र का निर्माण कर रहे हैं। इस तंत्र के तहत सादे कपड़ों में खुफिया पुलिसकर्मियों की तैनाती, चप्पे-चप्पे पर नज़र रखने के लिए हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें चौबीसों घंटे अलर्ट पर रहेंगी। अतिरिक्त पुलिस बल की मांग शासन को भेजी जा चुकी है, जिसकी तैनाती जल्द ही शुरू कर दी जाएगी।

खुसरोबाग में बनेगा विशाल होल्डिंग एरिया, भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान

एडीजी ने बताया कि मेले के दौरान रेलवे स्टेशनों पर अचानक बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करना सबसे बड़ी चुनौती होती है। इससे निपटने के लिए प्रयागराज के सभी नौ रेलवे स्टेशनों पर विशेष 'होल्डिंग एरिया' बनाए जाएंगे। महाकुंभ की तर्ज पर, प्रयागराज जंक्शन के ठीक सामने स्थित ऐतिहासिक खुसरोबाग में एक विशाल अस्थायी यात्री आश्रय (होल्डिंग एरिया) तैयार किया जाएगा। यहाँ यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा और सूचना केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

इस व्यवस्था के तहत, ट्रेनों से आने वाले या जाने वाले यात्रियों को पहले इसी होल्डिंग एरिया में रोका जाएगा। जैसे ही संबंधित ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आने वाली होगी, यात्रियों को नियंत्रित समूहों में प्लेटफॉर्म की ओर भेजा जाएगा। इस रणनीति से स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर भगदड़ या अफरा-तफरी की स्थिति को पूरी तरह से रोका जा सकेगा।

संवेदनशील व्यवहार के लिए पुलिसकर्मियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

मेले की ड्यूटी के लिए बाहर से आने वाले पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया गया है। इस प्रशिक्षण में उन्हें न केवल सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में बताया जाएगा, बल्कि श्रद्धालुओं के साथ विनम्र और सहयोगी व्यवहार करने, भीड़ में संयम बरतने, और विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की मदद करने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और सही प्रतिक्रिया देने का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील

अंत में, एडीजी प्रकाश डी ने सभी श्रद्धालुओं से विनम्र अपील करते हुए कहा, “यह सभी व्यवस्थाएं आपकी अपनी सुरक्षा और सुविधा के लिए की जा रही हैं। माघ मेला हम सभी के लिए श्रद्धा और विश्वास का पर्व है। हम इसे सुरक्षित और सफल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। कृपया रेलवे स्टेशन परिसर में जीआरपी और आरपीएफ द्वारा दिए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करें और हमारे साथ सहयोग करें ताकि आपका यह आध्यात्मिक अनुभव मंगलमय और अविस्मरणीय बन सके।”