प्रयाग माघ मेले से काशी विश्वनाथ धाम पधारे भगवान 'कुंभेश्वर महादेव', शास्त्रोक्त विधि से पूजन
प्रयाग माघ मेले से काशी विश्वनाथ धाम पधारे भगवान 'कुंभेश्वर महादेव', शास्त्रोक्त विधि से पूजन
वाराणसी, 17 फरवरी। सनातन धर्म की दो महान तीर्थ नगरियों काशी और प्रयाग के आध्यात्मिक समन्वय के प्रतीक, भगवान श्री कुंभेश्वर महादेव माघ मेले की पूर्णाहुति के पश्चात मंगलवार को पुनः श्री काशी विश्वनाथ धाम में विराजमान हुए। प्रयागराज त्रिवेणी तट पर लगभग 45 दिवसीय प्रवास के उपरांत सुबह उन्हें ससम्मान काशी वापस लाया गया, जहाँ उनका भव्य स्वागत और शास्त्रोक्त विधि से पूजन संपन्न हुआ।
मान्यतानुसार, श्री काशी विश्वनाथ महादेव के 'कुंभ स्नान स्वरूप' के रूप में भगवान कुंभेश्वर महादेव काशी में विराजमान रहते हैं। प्रतिवर्ष माघ मेले और कुंभ के अवसर पर वे विशेष रूप से प्रयाग क्षेत्र में विराजते हैं। इसी परंपरा के निर्वहन के लिए 01 जनवरी 2026 को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने विधि-विधान से पूजन के उपरांत उन्हें विशेष वाहन से प्रयागराज भेजा था। वहाँ वे न्यास शिविर में निर्मित विशेष मंदिर में कल्पवासियों और देश-विदेश से आए असंख्य श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे थे।
यह जानकारी मंदिर न्यास की ओर से दी गई। बताया गया कि प्रातःकाल विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच त्रिवेणी संगम के पावन जल से महादेव का अभिषेक किया गया। इसके पश्चात उन्हें भावपूर्ण विदाई दी गई। काशी धाम पहुँचने पर मंदिर न्यास के अधिकारियों, कार्मिकों और वेदपाठी विद्वानों ने पुष्प वर्षा के साथ उनका स्वागत किया। शास्त्रोक्त रीति से पुनः पूजन, अभिषेक और विशेष आरती के उपरांत भगवान को उनके नियत स्थान पर प्रतिष्ठित किया गया।
— दर्शन मात्र से कुंभ का पुण्य
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक आचार्य पं० ओमप्रकाश ने बताया कि "शास्त्रों के अनुसार, कुंभ की अवधि में पवित्र नदियों में स्नान से जो पुण्य फल प्राप्त होता है, वहीं फल श्रद्धापूर्वक 'श्री कुंभेश्वर महादेव' के दर्शन मात्र से प्राप्त हो जाता है। यह स्वरूप काशी और प्रयाग की सांस्कृतिक निरंतरता का अनुपम उदाहरण है।
——मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने आभार जताया
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ विश्व भूषण मिश्र ने सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि अगले माघ मास तक भगवान कुंभेश्वर महादेव अब मंदिर प्रांगण में उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) दिशा में स्थित 'श्री विघ्न विनाशक गणपति मंदिर' में विराजेंगे, जहाँ श्रद्धालु प्रतिदिन उनका दर्शन-पूजन कर सकेंगे।