बलिया में गंगा का विकराल रूप: खतरा बिंदु पार, कई घर नदी में समाए, ग्रामीण दहशत में

बलिया में गंगा का विकराल रूप: खतरा बिंदु पार, कई घर नदी में समाए, ग्रामीण दहशत में

बलिया में गंगा का विकराल रूप: खतरा बिंदु पार, कई घर नदी में समाए, ग्रामीण दहशत में

बलिया, 22 जुलाई– पूर्वी उत्तर प्रदेश का बलिया जिला इस समय भीषण बाढ़ जैसी स्थिति का सामना कर रहा है, जहाँ पवित्र गंगा नदी का जलस्तर अपने खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रहा है। नदी का यह विकराल रूप तटवर्ती गाँवो में तीव्र भू-क्षरण (कटान) का कारण बन रहा है, जिससे कई रिहायशी इमारतें और खेत गंगा की तेज धाराओं में समाते जा रहे हैं।

विशेष रूप से बैरिया तहसील के नौरंगा और भुवाल छपरा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में हालात बेहद चिंताजनक हैं। यहाँ एक ओर गंगा की लहरें घरों को लील रही हैं, तो वहीं दूसरी ओर ग्रामीण दहशत और लाचारी के माहौल में अपने आशियानों को बचाने की आखिरी कोशिश में खुद ही उन्हें उजाड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।

केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, बलिया में गायघाट के पास गंगा का जलस्तर सोमवार शाम को 59.91 मीटर तक पहुँच गया था। यह आँकड़ा खतरे के बिंदु 57.615 मीटर से लगभग 2.295 मीटर अधिक है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। हालांकि, मंगलवार सुबह के गेज नाप में गंगा के जलस्तर में मामूली कमी दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद नदी का उफान बरकरार है और इसका वेग कम नहीं हुआ है।

गंगा में लगातार बढ़ते जलस्तर से बैरिया तहसील के दुबेछपरा और केहरपुर जैसे अन्य तटवर्ती गाँवों में भी बाढ़ के हालात बिगड़ गए हैं। मंगलवार को नौरंगा और भुवाल छपरा में कई घर सीधे गंगा की लहरों की भेंट चढ़ गए, जिससे इन परिवारों का सब कुछ छीन गया।

नौरंगा के पूर्व प्रधान राजमंगल ठाकुर ने आँखों देखी स्थिति बयाँ करते हुए बताया, "गंगा ने वास्तव में एक विकराल रूप धारण कर लिया है। ग्रामीण पूरी तरह से दहशत में हैं। लोगों के पास अपने घरों को बचाने का कोई रास्ता नहीं है, इसलिए वे खुद ही अपने घरों को तोड़कर सामान और मलबे को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।" यह दृश्य ग्रामीणों की बेबसी और नदी के असीमित विनाशकारी बल को दर्शाता है।

बिगड़ते हालात को देखते हुए, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने जिला प्रशासन को पूर्ण अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर, उप जिलाधिकारी (एसडीएम) बैरिया ने पहले ही एक 24 घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है। इस कंट्रोल रूम में कर्मचारियों की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है ताकि लगातार निगरानी रखी जा सके, सहायता पहुँचाई जा सके और किसी भी अप्रत्याशित घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके। जिला प्रशासन अब संभावित बड़े पैमाने पर विस्थापन और राहत कार्यों के लिए तैयारी कर रहा है।