फैमिली आईडी योजना पारदर्शी और समावेशी शासन की दिशा में एक सशक्त पहल

फैमिली आईडी योजना पारदर्शी और समावेशी शासन की दिशा में एक सशक्त पहल

फैमिली आईडी योजना पारदर्शी और समावेशी शासन की दिशा में एक सशक्त पहल

लखनऊ, 23 अप्रैल। भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में यह सुनिश्चित करना कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ सही और पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे, एक बड़ी चुनौती रही है। कई बार योजनाओं की उचित जानकारी, प्रक्रिया की जटिलता और पहचान संबंधी समस्याओं के कारण वास्तविक लाभार्थी इनसे वंचित रह जाते हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा “फैमिली आईडी एक परिवार, एक पहचान योजना” की शुरुआत की गई है। यह योजना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है, बल्कि प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट पहचान प्रदान करके उन्हें सरकारी सेवाओं से सीधे जोड़ने का कार्य भी करती है।

फैमिली आईडी योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में संचालित लाभार्थीपरक योजनाओं के बेहतर प्रबंधन, समयबद्ध क्रियान्वयन और पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से प्रत्येक परिवार को एक यूनिक पहचान संख्या प्रदान की जाती है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और बिना किसी बाधा के उन तक पहुंच सके। यह योजना सरकारी सेवाओं को सरल और सुलभ बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। जब किसी परिवार की समस्त जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी, तो नागरिकों को बार-बार अलग-अलग विभागों में जाकर दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया तेज, सुगम और अधिक प्रभावी बनती है।

फैमिली आईडी योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। इस पहचान संख्या के माध्यम से परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी जैसे आय, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक स्थिति आदि एक ही डेटाबेस में संग्रहीत की जाती है। जिन परिवारों के पास पहले से राशन कार्ड उपलब्ध है, उनके लिए राशन कार्ड संख्या को ही फैमिली आईडी के रूप में उपयोग किया जा रहा है। वहीं जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है, उनके लिए अलग से फैमिली आईडी बनाने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जहां परिवार स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं।

प्रदेश में राशन कार्ड धारकों की संख्या लगभग 3.64 करोड़ परिवारों की है, जिनमें करीब 14.60 करोड़ लोग शामिल हैं। इन सभी परिवारों को इस योजना के अंतर्गत कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 31 मार्च 2026 तक लगभग 44,32,090 परिवारों की फैमिली आईडी बनाई जा चुकी है, जो इस योजना की सफलता और तेजी से हो रहे विस्तार को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश और केंद्र सरकार के 32 विभागों की 98 योजनाओं एवं सेवाओं को फैमिली आईडी डेटाबेस के साथ जोड़ा जा चुका है। राज्य के राशन कार्ड धारक परिवारों (3.64 करोड़ परिवार एवं 14.60 करोड़ व्यक्ति) की राशन कार्ड संख्या ही उनकी फैमिली आई डी है। ऐसे परिवार जिनके राशन कार्ड नहीं है, वह फैमिली आईडी बनाये जाने के लिए पोर्टल का प्रयाेग कर सकते हैं।