कुकरैल वन क्षेत्र में ईको टूरिज्म सुविधाओं का विस्तार

कुकरैल वन क्षेत्र में ईको टूरिज्म सुविधाओं का विस्तार

कुकरैल वन क्षेत्र में ईको टूरिज्म सुविधाओं का विस्तार

लखनऊ, 27 दिसंबर । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर स्थित कुकरैल वन क्षेत्र में ईको टूरिज्म सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में कुकरैल को पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम हो रहा है। वन एवं पर्यटन विभाग जहां कुकरैल नाइट सफारी के विकास में जुटा है, वहीं यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड नाइट सफारी से सटे वन क्षेत्र में पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित कर रहा है।

यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड द्वारा कुकरैल वन क्षेत्र में बच्चों और परिवारों के लिए चिल्ड्रेन पार्क, प्ले स्टेशन, ओपन जिम, नेचर वॉक ट्रेल और बांस से निर्मित गोल हट का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए कैफेटेरिया, पार्किंग और शौचालय की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है। इन सुविधाओं से कुकरैल मगरमच्छ, घड़ियाल और कछुआ अभ्यारण्य की सैर करने आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।

यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड के एडिशनल डायरेक्टर पुष्प कुमार ने बताया कि कुकरैल वन क्षेत्र में लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से ईको टूरिज्म सुविधाओं का विकास कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों के मनोरंजन के लिए चिल्ड्रेन पार्क और प्ले स्टेशन में एडवेंचरस गेम्स और झूलों के साथ ओपन जिम की भी व्यवस्था की जा रही है। प्राकृतिक संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बांस से बनी गोल हट और नेचर वॉक ट्रेल विकसित की जा रही है, जहां पर्यटक कुकरैल नदी के आसपास के प्राकृतिक वातावरण, पेड़-पौधों और पक्षियों के बीच भ्रमण का आनंद ले सकेंगे।

उन्होंने बताया कि सभी निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं और इन्हें शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। नए साल के शुरुआती महीनों में पर्यटकों को इन सुविधाओं का लाभ मिलने लगेगा। ईको टूरिज्म से जहां एक ओर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और क्षेत्रीय राजस्व में वृद्धि होगी।