गंगा में डुबकी लगाते ही सब कुछ गायब: लखनऊ के श्रद्धालु का दर्द

गंगा में डुबकी लगाते ही सब कुछ गायब: लखनऊ के श्रद्धालु का दर्द

गंगा में डुबकी लगाते ही सब कुछ गायब: लखनऊ के श्रद्धालु का दर्द

मिर्ज़ापुर। आस्था और विश्वास की नगरी मिर्ज़ापुर में मां विन्ध्यवासिनी के दर्शन और गंगा के पवित्र जल में स्नान करने आए एक श्रद्धालु के साथ बेहद दुखद घटना घटी है। लखनऊ से आए इस श्रद्धालु को गंगा में डुबकी लगाना उस समय भारी पड़ गया जब किनारे रखे उनके कपड़े और लगभग 10 से 12 हजार रुपये की नकदी चोरी हो गई। इस घटना ने एक बार फिर विन्ध्याचल के प्रमुख स्नान घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।

तीर्थयात्रा का दुखद अंत

लखनऊ निवासी गोविंद मिश्र रविवार को विन्ध्याधाम की यात्रा पर आए थे। मां विन्ध्यवासिनी के दर्शन से पहले, उन्होंने गंगा स्नान कर खुद को पवित्र करने का निश्चय किया। सुबह के समय, वे दीवानघाट पर स्नान करने पहुंचे। पवित्र गंगा में डुबकी लगाने की तैयारी में उन्होंने अपने पास मौजूद सारा सामान, जिसमें कपड़े (पैंट, अंडरगारमेंट्स) और एक बैग शामिल था, घाट के एक किनारे पर सुरक्षित स्थान पर उतार कर रखा। उनकी पैंट में यात्रा खर्च के लिए रखे लगभग 10 से 12 हजार रुपये नकद थे। निश्चिंत होकर गोविंद मिश्र गंगा की धारा में उतर गए।

स्नान समाप्त कर जब वे वापस किनारे पर आए, तो उनके होश उड़ गए। जहाँ उन्होंने अपना सामान रखा था, वहाँ कुछ भी नहीं था। उनका पैंट, बैग, अंडरगारमेंट और सबसे बढ़कर, उसमें रखी पूरी नकदी गायब हो चुकी थी। किसी अज्ञात उचक्के ने उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर पलक झपकते ही उनका सामान उड़ा लिया था।

तन पर सिर्फ गमछा, जेब खाली

गोविंद मिश्र ने बाद में आपबीती सुनाते हुए बताया कि इस चोरी के बाद उनके पास पहनने के लिए केवल एक गमछा ही बचा था। हजारों रुपये गायब होने से वे पूरी तरह असहाय महसूस कर रहे थे। घर वापसी के लिए किराए और खाने पीने तक के पैसे नहीं बचे थे। तीर्थयात्रा का उनका उत्साह निराशा में बदल गया। इस घटना के बाद, उन्होंने किसी तरह अपने साथ आए साथी की मदद से वापस लखनऊ लौटने का मन बना लिया है, क्योंकि इस स्थिति में आगे यात्रा करना संभव नहीं था।

प्रमुख घाट पर असुरक्षा

यह घटना विन्ध्याचल के प्रमुख स्नान घाटों में से एक, दीवानघाट पर हुई है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आते हैं। यह घाट अपनी पवित्रता और धार्मिक महत्व के कारण जाना जाता है, लेकिन दुख की बात यह है कि यह स्थान चोरों और उचक्कों के लिए भी एक आसान निशाना बन गया है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि ऐसी घटनाएं इस घाट पर अक्सर सुनने को मिलती हैं, जो यहाँ की लचर सुरक्षा व्यवस्था की ओर इशारा करती हैं।

पुलिस प्रशासन पर सवाल

सबसे चिंताजनक बात यह है कि दीवानघाट विन्ध्याचल कोतवाली के बहुत करीब स्थित है। इसके बावजूद, स्नान घाट पर पुलिस की सक्रियता और निगरानी न के बराबर है। श्रद्धालुओं के सामान की चोरी की लगातार हो रही घटनाएं स्थानीय पुलिस की संवेदनहीनता और उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। जब एक प्रमुख और व्यस्त घाट पर, पुलिस थाने के इतने करीब, श्रद्धालु सुरक्षित नहीं हैं, तो अन्य स्थानों की क्या स्थिति होगी, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन को धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि यहां आने वाले लोग बिना किसी डर के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।