सिटी मॉल कंपनी के अंदर से 1.49 करोड़ की साइबर ठगी, वेयरहाउस के दो कर्मचारी गिरफ्तार

सिटी मॉल कंपनी के अंदर से 1.49 करोड़ की साइबर ठगी, वेयरहाउस के दो कर्मचारी गिरफ्तार

सिटी मॉल कंपनी के अंदर से 1.49 करोड़ की साइबर ठगी, वेयरहाउस के दो कर्मचारी गिरफ्तार

कानपुर, 30 अप्रैल । काकादेव थाना क्षेत्र में एक बड़े साइबर गबन का खुलासा हुआ है, जहां सिटी मॉल कंपनी के पनकी स्थित दादानगर वेयरहाउस में काम करने वाले दो कर्मचारियों ने ही कंपनी के “गुल्लक खाते” में सेंध लगाकर करीब 1.49 करोड़ रुपये निकाल लिए। साइबर सेल सेंट्रल जोन और थाना काकादेव की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपितों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने गुरुवार को बताया कि मामला सुनियोजित आर्थिक अपराध का है और इसकी जांच गहराई से की जा रही है। जिस तरीके से रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया गया, उससे एक बड़े नेटवर्क की आशंका भी जताई गई है।

गिरफ्तार आरोपितों में राहुल कुशवाहा और विशाल कनौजिया शामिल हैं। दोनों कानपुर नगर के रावतपुर थाना क्षेत्र के मथुरा नगर और रावतपुर गांव इलाके के निवासी हैं और कंपनी के वेयरहाउस में कार्यरत थे। अंदरूनी सिस्टम की जानकारी का फायदा उठाकर इन्होंने इस पूरी ठगी को अंजाम दिया।

जांच में सामने आया कि आरोपित ट्रांजैक्शन के दौरान आने वाले ओटीपी को हासिल कर अनधिकृत तरीके से पैसे ट्रांसफर करते थे। यह प्रक्रिया इस तरह अपनाई गई कि लंबे समय तक किसी को इसकी भनक नहीं लगी।

पैसे को सीधे अपने खाते में लेने के बजाय आरोपितों ने दोस्तों, रिश्तेदारों और परिचितों के खातों का इस्तेमाल किया। पहले रकम अलग-अलग खातों में भेजी जाती थी और फिर उसे अपने या अपने करीबी लोगों के खातों में ट्रांसफर कर लिया जाता था, जिससे ट्रांजैक्शन को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था।

पूछताछ में सामने आया कि ठगी की रकम का एक हिस्सा ऑनलाइन सट्टेबाजी में खर्च किया गया, जबकि बाकी रकम से प्लॉट, लग्जरी कार और महंगी ज्वेलरी खरीदी गई। शेष धनराशि विभिन्न खातों में रखी गई है, जिसकी जांच जारी है।

पुलिस टीम ने दादानगर स्थित वेयरहाउस में दबिश देकर दोनों को लैपटॉप पर काम करते हुए पकड़ा। मौके से चार मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट और नकद राशि बरामद की गई है।

पुलिस का मानना है कि इस मामले में अन्य लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है। साइबर सेल पूरे फाइनेंशियल ट्रेल और जुड़े खातों की जांच कर रही है और जल्द ही नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।