ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ आपराधिक मुकदमा रद्द
ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ आपराधिक मुकदमा रद्द
प्रयागराज, 20 जून । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बस्ती जिले के ग्राम पंचायत सचिव तनवीर अशरफ के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमे को रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की एकलपीठ ने यह आदेश दिया।
आरोप था कि अशरफ ने ग्राम सभा के विकास कार्यों के भुगतान से काटी गई जीएसटी की डीएस की राशि मात्र 8,629 सरकारी खाते में समय पर जमा नहीं की। लोकायुक्त के समक्ष शिकायत के बाद जांच हुई और 19 अक्टूबर 2024 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) के तहत एफआईआर दर्ज हुई। बाद में चार्जशीट और सम्मन आदेश भी जारी हुए।
कोर्ट ने दो प्रमुख आधारों पर मुकदमा खारिज कियापहला जीएसटी अधिनियम 2017 एक सम्पूर्ण और स्वतंत्र विशेष कानून है जो टैक्स कटौती, जमा न करने और विलम्ब जैसे मामलों के लिए अपना पूरा तंत्र प्रदान करता है। ऐसे में सामान्य दंड कानून का सहारा लेना कानूनी रूप से उचित नहीं है।
दूसरा कथित घटना वर्ष 2017-18 की है, जबकि एफआईआर बी एन एस 2023 के तहत दर्ज की गई, जो उस समय अस्तित्व में ही नहीं थी। किसी पुरानी घटना पर बाद में बने दंड कानून को लागू करना संविधान के विरुद्ध है।
कोर्ट ने यह भी नोट किया कि आरोपित ने जानकारी मिलते ही पूरी राशि सरकारी खाते में जमा कर दी थी और उसके विरुद्ध गबन या व्यक्तिगत लाभ का कोई आरोप नहीं था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सम्बंधित अधिकारी चाहें तो जीएसटी अधिनियम 2017 के प्रावधानों के तहत उचित कार्यवाही कर सकते हैं।