मुरादाबाद में भ्रष्टाचार पर शिकंजा: बिलारी तहसील का लेखपाल पांच हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा

मुरादाबाद में भ्रष्टाचार पर शिकंजा: बिलारी तहसील का लेखपाल पांच हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लगाने के एवज में मांगी थी घूस

मुरादाबाद में भ्रष्टाचार पर शिकंजा: बिलारी तहसील का लेखपाल पांच हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा

मुरादाबाद, 17 जुलाई  मुरादाबाद जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन टीम) मुरादाबाद की सतर्क ट्रैप टीम ने इंस्पेक्टर नवल मरवाह के कुशल नेतृत्व में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई के तहत, मुरादाबाद जिले की बिलारी तहसील में कार्यरत एक लेखपाल को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोप है कि पकड़े गए आरोपित लेखपाल ने एक जरूरतमंद शिकायतकर्ता की बेटी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाणपत्र पर अपनी रिपोर्ट लगाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी, जिसके बाद शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया था।

शिकायत और टीम की तैयारी: मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन के निरीक्षक नवल मरवाह ने गुरुवार को बताया कि मुरादाबाद के थाना कुंदरकी, तहसील बिलारी क्षेत्र के सादात कुंदरकी निवासी मेहरबान पुत्र मजाहिर हुसैन ने बीते दिनों संगठन कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। मेहरबान ने अपनी शिकायत में बताया था कि उनकी बेटी को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए मिलने वाले 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ प्राप्त करने हेतु ईडब्ल्यूएस (Economically Weaker Section) प्रमाण पत्र बनवाना था। इस प्रक्रिया में, बिलारी तहसील में कार्यरत व मुरादाबाद के थाना कटघर क्षेत्र के गोविंद नगर गली नंबर 2 निवासी दिनेश चौधरी (द्वितीय) पुत्र धर्मपाल सिंह नामक लेखपाल अपनी रिपोर्ट लगाने के लिए उनसे पांच हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था।

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए, निरीक्षक नवल मरवाह के नेतृत्व में एंटी करप्शन टीम ने फौरन अपना जाल बिछाने की योजना बनाई। टीम ने सावधानीपूर्वक पूरी रणनीति तैयार की ताकि आरोपित लेखपाल को रंगे हाथ पकड़ा जा सके और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा सकें।

ट्रैप ऑपरेशन और गिरफ्तारी: गुरुवार को योजना के तहत कार्रवाई की गई। टीम ने शिकायतकर्ता मेहरबान को दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर मुरादाबाद-अलीगढ़ हाईवे पर स्थित ग्राम जैतपुर पट्टी के पास बुलाया। यहां, एंटी करप्शन टीम ने मेहरबान को पांच हजार रुपये के विशेष रूप से रंग लगे नोट दिए, जिन्हें रिश्वत की रकम के रूप में लेखपाल को दिया जाना था।

इसके बाद, मेहरबान ने आरोपित लेखपाल दिनेश चौधरी द्वितीय को फोन किया और उसे ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के एवज में मांगी गई रिश्वत के पांच हजार रुपये देने के लिए जैतपुर पट्टी पर ही आने को कहा। लेखपाल ने मेहरबान को वहीं रुकने को कहा और बताया कि वह कुछ ही देर में पहुंच रहा है।

करीब 3 बजकर 10 मिनट पर आरोपित लेखपाल दिनेश चौधरी द्वितीय तयशुदा स्थान पर पहुंचा। जैसे ही वह आया, शिकायतकर्ता मेहरबान ने उसे एंटी करप्शन टीम द्वारा दिए गए रंग लगे नोट थमा दिए। बिना किसी हिचकिचाहट के, आरोपित लेखपाल ने रिश्वत के ये पांच हजार रुपये लेकर अपनी जेब में रख लिए। रिश्वत की रकम जेब में रखते ही, पास में ही मुस्तैद खड़ी एंटी करप्शन टीम ने फुर्ती से कार्रवाई की और लेखपाल दिनेश चौधरी द्वितीय को रंगे हाथ दबोच लिया। टीम ने तत्काल उसके हाथ धुलवाकर नोटों पर लगे रंग की पुष्टि की, जिससे रिश्वत लेने का प्रमाण पुख्ता हो गया।

कानूनी कार्रवाई जारी: इंस्पेक्टर नवल मरवाह ने आगे बताया कि आरोपित लेखपाल को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद मौके से ही हिरासत में ले लिया गया और उसे थाना कुंदरकी लाया गया है। यहां उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। इस गिरफ्तारी से सरकारी महकमों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयासों को बल मिला है, साथ ही यह संदेश भी गया है कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।