उत्तर प्रदेश में व्यापक मानसूनी अलर्ट: राजधानी लखनऊ सहित 60 जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना, पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में व्यापक मानसूनी अलर्ट: राजधानी लखनऊ सहित 60 जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना, पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में व्यापक मानसूनी अलर्ट: राजधानी लखनऊ सहित 60 जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना, पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

प्रयागराज, 14 जुलाई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तर प्रदेश के लिए एक व्यापक मौसम अलर्ट जारी किया है। नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों के भीतर प्रदेश के लगभग 60 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की प्रबल संभावना है, जिसमें राज्य की राजधानी लखनऊ और प्रमुख धार्मिक नगरी प्रयागराज भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य के पांच जनपदों में बेहद भारी वर्षा (heavy to very heavy rainfall) की चेतावनी जारी की गई है, जिसके कारण इन क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

पांच जिलों में भारी से अति भारी वर्षा का अलर्ट: मौसम विभाग द्वारा जारी विशेष चेतावनी के मुताबिक, प्रदेश के पांच उत्तरी जिलों - सीतापुर, बहराइच, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत में विशेष रूप से सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। इन जिलों में मानसूनी हवाओं के प्रभाव से अचानक तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इन तेज हवाओं के साथ ही, इन क्षेत्रों में भारी से अति भारी वर्षा होने का अनुमान है। इस प्रकार की अत्यधिक वर्षा से निचले इलाकों में जलभराव, कृषि भूमि पर पानी भरने, शहरी क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थितियां और यातायात में व्यवधान उत्पन्न होने की आशंका है।

60 जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान: उपरोक्त पांच जिलों के अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश के विस्तृत भू-भाग पर फैले कुल 60 जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना है। इन जिलों में मेघगर्जन के साथ वर्षा और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिसके प्रति लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इन जिलों में शामिल हैं:

  • मध्य उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, प्रतापगढ़, रायबरेली, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, औरैया, कन्नौज, हरदोई, फर्रूखाबाद, सीतापुर (हल्की से मध्यम), गोंडा (हल्की से मध्यम)।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश: चंदौली, प्रयागराज, गाजीपुर, बलिया, कौशांबी, फतेहपुर, आजमगढ़, मऊ, अम्बेडकरनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत रविदास नगर (भदोही), बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर।
  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश: इटावा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, हाथरस, मथुरा, कासगंज, बरेली, पीलीभीत (हल्की से मध्यम), रामपुर, अलीगढ़, बदायूं, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, संभल, हापुड़, अमरोहा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली।

सार्वजनिक सुरक्षा और बचाव के उपाय: मौसम विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। खासकर जब बिजली कड़क रही हो, तो खुले स्थानों, खेतों या बड़े पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। सुरक्षित आश्रय स्थलों पर रहें और बिजली के उपकरणों का उपयोग सावधानी से करें। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर हैं। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं और मौसम की लगातार बदलती परिस्थितियों पर नजर रखें।