गुरु तेग बहादुर का 350 वां शहीदी दिवस मनाया गया , सिखों के नौवें गुरु हैं पूज्यनीय

गुरु तेग बहादुर का 350 वां शहीदी दिवस मनाया गया , सिखों के नौवें गुरु हैं पूज्यनीय

गुरु तेग बहादुर का 350 वां शहीदी दिवस मनाया गया , सिखों के नौवें गुरु हैं पूज्यनीय

अयोध्या, 24 नवंबर । शिवदयाल जायसवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में 9 वें गुरु गुरु तेगबहादुर का 350 वां शहीदी दिवस मनाया गया I कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य अवनि कुमार शुक्ल ने मां सरस्वती एवं गुरु तेग बहादुर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्पार्चन कर किया I तत्पश्चात बहन सृष्टि ने देशभक्ति गीत, प्रिया एवं दीप्रांशिका ने सामूहिक गीत , भैया यश एवं आदित्य ने भाषण प्रस्तुत किए।

प्रधानाचार्य अवनि कुमार शुक्ल ने अपने संबाेधन में कहा कि विश्व इतिहास में धर्म एवं मानवीय मूल्यों, आदर्शों एवं सिद्धान्त की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वालों में गुरु तेग बहादुर साहब का स्थान अद्वितीय है। धर्म उनके लिए सांस्कृतिक मूल्यों और जीवन विधान का नाम था। इसलिए धर्म के सत्य शाश्वत मूल्यों के लिए उनका बलि चढ़ जाना वस्तुतः सांस्कृतिक विरासत और इच्छित जीवन विधान के पक्ष में एक परम साहसिक अभियान था। तथा कहा कि त्यागमल से तेग बहादुर तक का सफर करने वाले गुरु ने किस प्रकार औरंगजेब के अत्याचारों का सामना किया और घुटने नहीं टेक कर अपना सिर कलम करवा दिया I

अंत में प्रधानाचार्य ने गुरु तेग बहादुर के अमूल्य विचार बताते हुए कहा कि आध्यात्मिक मार्ग पर दो सबसे कठिन परीक्षाएं हैं, सही समय की प्रतीक्षा करने का धैर्य और जो सामने आए उससे निराश ना होने का साहस। कार्यक्रम का संचालन अन्विता ने किया I इस अवसर पर सभी आचार्य उपस्थित रहे।