ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में “गांधी माह-आत्मनिर्भरता से आत्मसम्मान की ओर” भजन कार्यशाला

ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में “गांधी माह-आत्मनिर्भरता से आत्मसम्मान की ओर” भजन कार्यशाला

ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में “गांधी माह-आत्मनिर्भरता से आत्मसम्मान की ओर” भजन कार्यशाला

प्रयागराज, 30 अक्टूबर। महात्मा गांधी ने स्वदेशी और स्वावलम्बन के सिद्धांतों से राष्ट्र को आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित किया। उनकी स्मृति में ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में “गांधीमाह- आत्मनिर्भरता से आत्मसम्मान की ओर” शीर्षक के अंतर्गत विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

इसी श्रृंखला में गुरूवार को सांस्कृतिक एवं सहगामी गतिविधि प्रकोष्ठ के संयोजन तथा प्राचार्य प्रो आनंद शंकर सिंह के मार्गदर्शन में अन्तर्महाविद्यालयीय दो दिवसीय भजन कार्यशाला का शुभारम्भ किया गया। जिसके मुख्य प्रशिक्षक प्रयागराज के युवा हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक विवेक शांति विशाल ने अपने उद्बोधन में छात्र-छात्राओं को संगीत, भजन के विभिन्न आयामों, महत्व व परिभाषा के विषय में अवगत कराया। साथ ही संगीत के क्षेत्र में छात्रों को मार्गदर्शित भी किया। उन्होंने-कबीर के पद, गंगागीत, रामभजन जैसे भजनों का अभ्यास छात्रों को कराया। कहा, महात्मा गांधी के जीवन में भजन का विशेष स्थान रहा है। वे इसे आत्मिक शांति और ईश्वर से जुड़ाव का माध्यम मानते थे।

महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. मनोज कुमार दुबे ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में गांधी के आदर्शों को भजन के माध्यम से जागृत कर संगीत और आत्मिकता का समन्वय स्थापित करना है। “गांधी माह” का आयोजन 6 अक्टूबर से निरंतर जारी है, जिसमें छात्रों में गांधीवादी विचारों के प्रति गहरी रुचि देखी जा रही है।

उन्होंने बताया कि आज की कार्यशाला में 25 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक विवेक शांति विशाल द्वारा भजन का प्रशिक्षण दिया गया तथा कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. गायत्री सिंह (समन्वयक, सांस्कृतिक समिति) ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में डॉ. अंजना श्रीवास्तव सहित अमन, गौरी, सत्यम, अनुराग, सिमरन, सहज, आर्युष, अश्मित, अभिनव, अपूर्वा और शुभम की सक्रिय उपस्थिति रही।