74.52 करोड़ से काशी में मल्टीलेवल पार्किंग व काॅमर्शियल भवन, सिगरा में पार्किंग की किल्लत होगी दूर

एक ही छत के नीचे मिलेगी होटल और बाजार की सुविधा,पशु चिकित्सालय की ढाई एकड़ जमीन पर बनेगा अत्याधुनिक काॅमर्शियल हब

74.52 करोड़ से काशी में मल्टीलेवल पार्किंग व काॅमर्शियल भवन, सिगरा में पार्किंग की किल्लत होगी दूर

वाराणसी,02 फरवरी । उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी (वाराणसी)के सिगरा और चेतगंज इलाके में वाहनों की पार्किग की किल्लत देख नगर निगम प्रशासन ने बड़ी पहल की है। सिगरा खेल स्टेडियम के समीप जहां 40 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से 'जी प्लस-6' भवन बनेगा। लगभग 2600 वर्ग मीटर में फैली इस इमारत में अंडरग्राउंड पार्किंंग होगी, जिसमें 56 कारें और 22 दोपहिया वाहन खड़े हो सकेंगे। इससे नगर निगम को 65 लाख रुपये मासिक आय होने का अनुमान है। वहीं, चेतगंज क्षेत्र के कबीरचौरा रोड स्थित पशु चिकित्सालय परिसर में 34 करोड़ रुपये की लागत से ढ़ाई एकड़ में काॅमर्शियल भवन (जी प्लस टू) बनेगा। इसके लिए भी निगम ने 25 करोड़ रुपये का बांड जारी किया था। इस प्रोजेक्ट से निगम को करीब 35 लाख रुपये की मासिक आय संभावित है। इन दोनों परियोजनाओं (प्रोजेक्ट) का सोमवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्थलीय निरीक्षण किया। महापौर और नगर आयुक्त ने अफसरों को निर्देश दिया कि 74.52 कराेड़ रुपये की लागत से बनने वाले अंडरग्राउंड पार्किंग, मार्केट कॉम्प्लेक्स और होटल का निर्माण यथाशीघ्र शुरू किया जाए ताकि निर्धारित लक्ष्य और समय सीमा के भीतर जनता को इसकी सुविधा मिल सके।

नगर निगम के जनसम्पर्क कार्यालय ने बताया कि इन दो बड़ी परियोजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए बाजार (म्युनिसिपल बांड) से 50 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। नगर ​निगम इन कॉम्प्लेक्स की दुकानों को बाजार दर पर 30 साल की लीज पर देने पर विचार कर रहा है। अनुबंध में समय-समय पर किराया वृद्धि का प्रावधान भी होगा। दोनों प्रोजेक्ट से प्रतिमाह एक करोड़ रुपये से अधिक की आय होगी। इस तरह मात्र 50 महीनों में बांड की धनराशि (50 करोड़ रुपये ) वसूल हो जाएगी, जबकि निगम को यह पैसा सात साल बाद लौटाना है। सात साल में निगम को कुल 84 करोड़ रूपये की आय होने का अनुमान है।

जून 2026 तक होगा शहीद उद्यान पार्क का कायाकल्प

​सिगरा स्थित शहीद उद्यान पार्क को भी नया स्वरूप दिया जा रहा है। 748.93 लाख रुपये की लागत से लखनऊ के सुदामा कंस्ट्रक्शन एण्ड बिल्डर्स द्वारा इसका कायाकल्प किया जा रहा है। इसे 30 जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है ।