उप्र मानसून सत्र : प्रदेश सरकार ने पेश किया 59 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट, केंद्र से मिलेगी 11 हजार करोड़ की सहायता

उप्र मानसून सत्र : प्रदेश सरकार ने पेश किया 59 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट, केंद्र से मिलेगी 11 हजार करोड़ की सहायता

उप्र मानसून सत्र : प्रदेश सरकार ने पेश किया 59 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट, केंद्र से मिलेगी 11 हजार करोड़ की सहायता



लखनऊ, 04 अगस्त। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने शून्यकाल में विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे बीच वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए अनुपूरक बजट में पेश किया। उन्होंने कुल 59,019.54 करोड़ रुपये की अनुपूरक बजट मांग (अतिरिक्त बजट) पेश किया। इस बजट में केंद्र सरकार से 11,240.97 करोड़ की मदद अंशदान (हिस्सेदारी) के रूप में मिलेगी। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना बार -बार विपक्षी सदस्यों को अपनी सीट पर बैठने और चर्चा में भाग लेने का आग्रह करते रहे, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी जारी रखी। इस बीच जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोलने के लिए खडे़ हुए तो विपक्षी सदस्यों ने हंगामा और तेज कर दिया। विपक्षी सदस्य नारे लगा रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि विपक्ष न तो सदन की मर्यादा का ख्याल रखता है और संवैधानिक मूल्यों का ही पालन कर रहा है।

आज सदन में विपक्षी सदस्याें के हंगामे के बीच वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए राज्य सरकार ने कुल 59,019.54 करोड़ रुपये की अनुपूरक बजट मांग (अतिरिक्त बजट) पेश किया। इस बजट में केंद्र सरकार से 11,240.97 करोड़ की मदद अंशदान (हिस्सेदारी) के रूप में मिलेगी। केंद्र से मिलने वाली राशि को घटाने के बाद राज्य सरकार के खजाने (समेकित निधि) पर 47,778.57 करोड़ रुपये का शुद्ध वित्तीय बोझ पड़ेगा। इस खर्च का इंतज़ाम सरकार टैक्स (कर) और गैर-टैक्स (करेतर) से होने वाली अपनी राजस्व आय के तय लक्ष्यों को पूरा करके तथा फालतू (अनुत्पादक) खर्चों में कटौती करके करेगी।



वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पेश किया पअनुपूरक बजट

वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए पेश किए गए अनुपूरक बजट में राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। औद्योगिक विकास एवं भारी उद्योगों को सबसे बड़ा हिस्सा दिया गया है, जिसके तहत भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग के लिए 1,30,301.92 लाख रुपये का राजस्व खर्च और 20,905.88 करोड़ रुपये का भारी-भरकम पूंजीगत बजट मंजूर किया गया है। इसके अलावा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग को 1,502.79 लाख रुपये राजस्व और 12,500.00 लाख रुपये पूंजीगत मद में दिए गए हैं, जबकि मुद्रण तथा लेखन सामग्री के पूंजीगत कार्यों हेतु 2,350.00 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।

ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए ग्राम्य विकास विभाग को 8,103.51 लाख रुपये राजस्व तथा 14,18,471.95 लाख रुपये का पूंजीगत आवंटन प्राप्त हुआ है। ऊर्जा क्षेत्र (बिजली व्यवस्था) के लिए कुल मिलाकर 7,02,227.00 लाख रुपये (भारित राशि सहित) राजस्व मद में और 40,000.00 लाख रुपये पूंजीगत मद में आवंटित किए गए हैं। वहीं स्थानीय निकायों और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग को 15,633.00 लाख रुपये का राजस्व तथा 13,998.00 लाख रुपये का पूंजीगत बजट प्रदान किया गया है।

कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों के लिये जरूरी राशि का प्रबंध किया गया है। कृषि विभाग को 13,237.76 लाख रुपये राजस्व और 15,900.00 लाख रुपये पूंजीगत विकास के लिए दिए गए हैं। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के हिस्से में 24,480.37 लाख रुपये राजस्व और 1,005.02 लाख रुपये पूंजीगत आवंटन आया है। पशुपालन विभाग के लिए 2,497.84 लाख रुपये राजस्व व 4,486.66 लाख रुपये पूंजीगत, दुग्ध विकास विभाग के लिए 20,425.10 लाख रुपये राजस्व, मत्स्य विभाग के लिए 300.00 लाख रुपये राजस्व व 600.00 लाख रुपये पूंजीगत, तथा भूमि विकास एवं जल संसाधन विभाग को 200.00 लाख रुपये का राजस्व बजट मंजूर हुआ है।



स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए अतिरिक्त राशि की व्यवस्था

इस अनुपूरक बजट में चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रभाग के लिए राजस्व मद में 10.00 लाख रुपये और पूंजीगत मद में 10.00 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। एलोपैथी चिकित्सा प्रभाग को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है, जिसके अंतर्गत राजस्व मद में 1,10,000.00 लाख रुपये तथा पूंजीगत मद में 9,600.00 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा प्रभाग के लिए राजस्व मद में 25.00 लाख रुपये और पूंजीगत मद में 2,300.00 लाख रुपये रखे गए हैं। इसके अलावा परिवार कल्याण प्रभाग के लिए राजस्व मद में 70,425.00 लाख रुपये तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभाग के लिए राजस्व मद में 2,015.00 लाख रुपये और पूंजीगत मद में 4,050.00 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

शिक्षा और संस्कृति के विकास पर विशेष ध्यान

सदन में आज पेश किए गए अनुपूरक बजट में शिक्षा और संस्कृति के विकास पर भी याेगी सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। अनुपूरक बजट में प्राविधिक शिक्षा (तकनीकी शिक्षा) के लिए 521.14 करोड़ रुपये, स्कूली शिक्षा को 351.25 करोड़ रुपये और माध्यमिक शिक्षा के लिए 74.50 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार उच्च शिक्षा के लिए 5.00 करोड़ रुपये, व्यावसायिक शिक्षा के लिए 1.98 करोड़ रुपये और संस्कृति विभाग के विभिन्न आयोजनों व योजनाओं के लिए 2.43 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार सभी प्रमुख विभागाें की याेजनाओं काे आगे जारी रखने के लिए अतिरिक्त राशि की व्यवस्था की गयी है।